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Kanpur: आउटर पुलिस व्यवस्था खत्म, सभी थाने कमिश्नरी में शामिल, इन अफसरों से छिना अधिकार

Thu, 03 Nov 2022 11:27 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर में 25 मार्च 2021 को पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू हुई थी, तब आउटर को अलग किया गया था। कानपुर आउटर पुलिस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। शहर में अब पुलिस कमिश्नर ही विभाग के मुखिया हैं।
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यूपी पुलिस - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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कानपुर आउटर पुलिस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। अब पूरा जिला पुलिस कमिश्नरी में शामिल हो गया है। जिले के सभी 52 पुलिस थाने कमिश्नरी के अंतर्गत होंगे। कैबिनेट में गुरुवार को इसका प्रस्ताव पास हो गया। जिस क्षेत्र में आउटर के अफसर थे अब वहां पर नए डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी की तैनाती की जाएगी।

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शहर में अब पुलिस कमिश्नर ही विभाग के मुखिया हैं। उनके बाद ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर, एडिशनल पुलिस कमिश्नर शीर्ष अफसर हैं। शासन ने 25 मार्च 2021 को कानपुर में पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू की थी। पुलिस के नजरिए से दो जिले बनाए गए थे। एक कानपुर कमिश्नरी व दूसरा कानपुर आउटर। तब आउटर के 11 थाने अलग किए गए थे, जिसमें अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र का इलाका शामिल है। कुछ दिन बाद आउटर में तीन महिला थानों की शुरुआत की गई थी। वर्तमान में आउटर में 14 थाने थे।

जो अब कमिश्नरी में शामिल हो गए हैं। कमिश्नरी में पहले से ही 38 थाने हैं। कुल मिलाकर पुलिस कमिश्नरी का दायरा बढ़ गया है जिसमें 52 थाने हैं। पिछले एक महीने से इसको लेकर कवायद चल रही है। प्रस्ताव करीब बीस दिन पहले ही बन गया था। गुरुवार को उस पर औपचारिक मुहर लगाई गई। 

ये थाने कमिश्नरी में हुए शामिल 
महाराजपुर, नर्वल, सचेंडी, बिधनू, घाटमपुर, साढ़, सजेती, ककवन, चौबेपुर, शिवराजपुर, बिल्हौर थानों के अलावा तीन महिला थाने जो सचेंडी, चौबेपुर व सजेती में बनाए गए थे वे सभी कमिश्नरी के अधीन हो गए हैं। 
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इन अफसरों से अधिकार छिना
कानपुर में एडीजी जोन व आईजी रेंज भी बैठते हैं। एडीजी के पास 9 जबकि आईजी के पास छह जिलों की जिम्मेदारी है। अब इन दोनों अफसरों के पास से कानपुर आउटर का इलाका छिन गया है। कमिश्नरी के अधीन ये इलाका हो गया है। 

इसलिए खत्म किया गया आउटर
- भौगोलिक बिखराव की वजह से पर्यवेक्षण व अन्य कार्यों में दिक्कत आ रही थी। 
- जनता को अपनी बात अफसरों तक पहुंचाने में थी मुसीबत। 
- आउटर में कमिश्नरी की अपेक्षा थानों की संख्या कम थी और भौगोलिक स्थिति विषम थी। 
- आउटर को प्रभावी महत्व नहीं मिल पा रहा था। 
- अपराध नियंत्रण में भी कोई खास सफलता नहीं मिल रही थी।

नंबर गेम
- 52 थाने अब पुलिस कमिश्नरी में 
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