जो अब कमिश्नरी में शामिल हो गए हैं। कमिश्नरी में पहले से ही 38 थाने हैं। कुल मिलाकर पुलिस कमिश्नरी का दायरा बढ़ गया है जिसमें 52 थाने हैं। पिछले एक महीने से इसको लेकर कवायद चल रही है। प्रस्ताव करीब बीस दिन पहले ही बन गया था। गुरुवार को उस पर औपचारिक मुहर लगाई गई।
ये थाने कमिश्नरी में हुए शामिल
महाराजपुर, नर्वल, सचेंडी, बिधनू, घाटमपुर, साढ़, सजेती, ककवन, चौबेपुर, शिवराजपुर, बिल्हौर थानों के अलावा तीन महिला थाने जो सचेंडी, चौबेपुर व सजेती में बनाए गए थे वे सभी कमिश्नरी के अधीन हो गए हैं।
इन अफसरों से अधिकार छिना
कानपुर में एडीजी जोन व आईजी रेंज भी बैठते हैं। एडीजी के पास 9 जबकि आईजी के पास छह जिलों की जिम्मेदारी है। अब इन दोनों अफसरों के पास से कानपुर आउटर का इलाका छिन गया है। कमिश्नरी के अधीन ये इलाका हो गया है।
इसलिए खत्म किया गया आउटर
- भौगोलिक बिखराव की वजह से पर्यवेक्षण व अन्य कार्यों में दिक्कत आ रही थी।
- जनता को अपनी बात अफसरों तक पहुंचाने में थी मुसीबत।
- आउटर में कमिश्नरी की अपेक्षा थानों की संख्या कम थी और भौगोलिक स्थिति विषम थी।
- आउटर को प्रभावी महत्व नहीं मिल पा रहा था।
- अपराध नियंत्रण में भी कोई खास सफलता नहीं मिल रही थी।
नंबर गेम
- 52 थाने अब पुलिस कमिश्नरी में