सिविल लाइंस स्थित नजूल की जमीन पर कब्जे के प्रयास के आरोपी प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित और वर्तमान कनिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज यादव को क्लब से निलंबित कर दिया गया है। गुरुवार को क्लब की आम सभा में दोनों आरोपियों की सदस्यता निलंबित करने के अलावा तय किया गया कि प्रेस क्लब की सदस्यता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही प्रेस क्लब की सभी उप-समितियों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का भी निर्णय लिया गया है।
सभा में तमाम सदस्यों ने कहा कि न सिर्फ प्रेस क्लब की गरिमा के विपरीत काम करने वालों पर कार्रवाई की जाए, बल्कि क्लब की सदस्यता के नियमों को भी सख्त करने की आवश्यकता है। तय किया गया कि तत्काल प्रभाव से प्रेस क्लब की सदस्यता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। क्लब के अध्यक्ष सरस बाजपेई ने कहा कि कमेटी 15 दिन में सदस्यता सूची में शामिल प्रत्येक सदस्य की जांच-पड़ताल के बाद कार्यकारिणी को अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद दागियों और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सदस्यता हासिल करने वालों को भी बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
साथ ही हाल में मुकदमे दर्ज हुए मुकदमों के आरोपियों की भी सदस्या पर कमेटी की रिपोर्ट के बाद निर्णय लिया जाएगा। क्लब के पदाधिकारियों का मानना है कि 300 से अधिक ऐसे लोग हैं जिनका पत्रकारिता से खास सरोकार ही नहीं है लेकिन वह क्लब के सदस्य बने हुए हैं। ऐसे लोगों का सत्यापन कर उन्हें बाहर किया जाए। तय हुआ कि सितंबर में नई सूची जारी की जाएगी। वहीं, महामंत्री शैलेश अवस्थी ने कहा कि किसी भी पत्रकार का बेवजह उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभा में मोहित मिश्रा, कौस्तुभ शंकर मिश्रा, गगन पाठक, दीपक सिंह, सुनील साहू, अनंत शर्मा, अमित चौहान, वेद गुप्ता व अतुल आदि रहे।