सरसौल ब्लॉक के नेवादा बौसर ग्राम पंचायत में मनरेगा घोटाले पर बड़ी कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी ने प्रधान समर जीत यादव के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। 99 हजार रुपये के घोटाले में 33 हजार की वसूली का आदेश दिया गया है। उपनिदेशक कृषि को अंतिम जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। मनरेगा में वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। अब संचालन ग्राम पंचायत समिति करेगी। नेवादा बौसर में हुए घोटाले में प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जांच में 99 हजार रुपये की रिकवरी निकाली गई थी जिसे तीन हिस्सों में बांटा गया था।