कानपुर शहर के बुलियन और ज्वेलरी कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर आयकर के छापे में 1,000 करोड़ की फर्जी बिलिंग और खरीद के दस्तावेज मिले हैं। साथ ही, 150 करोड़ की अघोषित आय का भी पता चला है। 18 करोड की नकदी और आठ करोड़ के गहने सीज किए गए हैं। जाजमऊ में बने एमरल्ड गुलिस्तां में बुलियन कारोबारियों की काली कमाई खपाए जाने के भी साक्ष्य मिले हैं।
मंगलवार को छापा जरूर खत्म हो गया है, लेकिन आगे जांच अभी जारी है। आयकर विभाग के 250 से ज्यादा अफसरों ने गुरुवार को राधा मोहन पुरुषोत्तम दास ज्वेल्स प्राइवेट लिमिटेड और फर्म राधा मोहन पुरुषोत्तम दास ज्वेलर्स के अमरनाथ अग्रवाल व कैलाश नाथ अग्रवाल और इन दोनों के बेटे अमरेष अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल के के प्रतिष्ठानों पर छापा मारा था।
कपड़ों के झोलों में मिली थी नकदी
एमरल्ड के प्रमोटर और ऋतु हाउसिंग के संजीव झुनझुनवाला के प्रतिष्ठान पर भी कार्रवाई की थी। सूत्रों ने बताया कि सोमवार व मंगलवार को अमरीष अग्रवाल के सिविल लाइंस व नयागंज स्थित परिसरों से 10 करोड़ की नकदी मिली थी। छापे के बाद से बंद नयागंज की एक दुकान में नकदी रखी जाती थी। देर रात अफसरों ने दुकान खुलवाई, तो उन्हें कपड़ों के झोलों में नकदी मिली।
1,400 करोड़ के निवेश प्रस्ताव की पड़ताल भी शुरू
रियल एस्टेट कंपनी पिनटेल और अमरावती ग्रुप की जांच कर रहे आयकर विभाग ने वैश्विक निवेश सम्मेलन में 1,400 करोड़ के निवेश प्रस्ताव की पड़ताल भी शुरू कर दी है। ग्रुप के संचालकों के ठिकानों पर छापों के दौरान निवेश प्रस्ताव से संबंधित दस्तावेज मिलने के बाद जांच में शामिल किया गया है।
औद्योगिक घराने की जमीन में लग रही काली कमाई
बुलियन कारोबारियों के परिसरों से मिली छह पैन ड्राइव और हार्ड डिस्क नए-नए राज खोल रही हैं। आयकर अफसरों को पता चला है कि है कि औद्योगिक घराने की जमीनों पर बुलियन कारोबारियों की काली कमाई से इमारतें खड़ी की जा रही हैं। इसमें एमरल्ड के प्रमोटर संजीव झुनझुलावाला की भूमिका प्रमुख है।
पैन ड्राइव और हार्ड डिस्क में मिले हैं संदिग्ध लेनदेन
इस खुलासे के साथ ही जांच का दायरा और बढ़ गया है। पैन ड्राइव और हार्ड डिस्क में औद्योगिक घराने सहित 25 से ज्यादा दिग्गज कारोबारियों के लेनदेन मिला है। आयकर के सूत्रों के अनुसार औद्योगिक घराने के पास शहर के बीच में ही तमाम जमीनें हैं। यही जमीन दिग्गज कारोबारियों के लिए काली कमाई खपाने का बड़ा जरिया बन गईं।