वरासत के शस्त्र लाइसेंस देते जिलाधिकारी
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पांच साल से कलक्ट्रेट और थानों के चक्कर काट रहे परिजनों की आंखों में उस समय खुशी के आंसू नजर आए जब जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें वरासत के शस्त्र लाइसेंस सौंपे। गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में स्पोर्ट्स शूटर, व्यापार व अन्य वर्ग के 17 लोगों को वरासत शस्त्र लाइसेंस दिया। बीते पांच साल में पांच जिलाधिकारी बदल गए लेकिन किसी ने नए शस्त्र लाइसेंस तो छोड़िए वरासत के लाइसेंस तक नहीं जारी किए। जनवरी में जब डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह आए तो उन्होंने लंबे समय से अपने पिता-भाई की स्मृतियों को सहजने के लिए भटक रहे लोगों के वरासत शस्त्र लाइसेंस बनाने का निर्णय लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह उत्तराधिकार अपनों की यादों को सहेज कर रखने का एक माध्यम है। इस मौके पर एसीएम सप्तम राम शंकर, शस्त्र लिपिक अखिलेश द्विवेदी उपस्थित रहे।