वहीं, डिलौलिया बांगर गांव जाने वाले रास्ते पर भी पानी पहुंच गया है। बाढ़ का पानी नाले से होकर खेतों में भर रहा है। देवराहट गांव की पुरानी बस्ती में स्थित परिषदीय विद्यालय के पास तक पानी पहुंच गया है। पथार की पुलिया पर पांच मीटर से अधिक पानी बढ़ने के बाद अब गांव किनारे स्थित घरों के पास जलभराव हो गया है। इससे आढ़न गांव के लोग भी प्रभावित है। लगातार बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों की चिंता का कारण बना हुआ है। बाढ़ को देखते हुए लोगों ने अपना सामान भी समेटना शुरू कर दिया है।
चपरघटा गांव में लोग मवेशियों के चारे का इंतजाम करने में जुट गए हैं। चपरघटा मुगलरोड के पुराने पुल के ऊपर पानी पहुंच गया है। उधर, पड़ाव की पुलिया पर पानी पहुंचने से कुंभापुर, चतुरीपुरवा, रसूलपुर, भुडा, भरतौली गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी होने लगी।
मुसरिया की पुलिया पर पानी आने से नगीना, कट्टा पुरवा, बम्हरौली घाट, अहरौली घाट, मौदन, सिमरिया गांवों के लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। लोग पैदल ही पानी के बीच से आवागमन करने को मजबूर हैं। क्योटरा गांव की पुलिया पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
एसडीएम अजय कुमार राय ने बताया कि बढ़ते जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। केंद्रीय जल आयोग कालपी कार्यालय के कर्मचारी सौरभ यादव ने बताया कि बुधवार की शाम यमुना नदी का जलस्तर 109 मीटर के करीब पहुंच रहा है। जो खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर है।