कानपुर देहात। कंचौसी स्थित दर्शन सिंह स्मृति महाविद्यालय आए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अन्नदाता के साथ अब किसान ऊर्जादाता बनेगा। इससे उप्र और अधिक समृद्ध होगा और रोजगार के लिए युवाओं को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
चावल, मक्का व चीनी सरप्लस है। इसको रखने के लिए गोदाम कम पड़ रहे हैं। किसान ऊर्जादाता बनेगा तो चावल की कनी से बायो एथनॉल बनेगा। गन्ने के शीरे से एथनॉल बन रहा है। यह पेट्रोल से सस्ता है।
सांसद देवेंद्र सिंह भोले की मां कनक देवी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में आए केंद्रीय मंत्री ने बायो एथनॉल व ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के जरिये ऊर्जादाता बनने के रास्ते पर चलने का मंत्र दिया। कहा कि देश को सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
मैं तीन चीनी मिल चलाता हूं। यूपी के कई चीनी कारखाने बंद हो गए। एक कार लांच कर रहा हूं जो बायो एथनॉल से चलती है। यह चावल की कनी से बनता है। गन्ना पेराई से निकले शीरे से भी एथनॉल बनता है। बोले कि चीनी मिलों में गन्ना पेराई के बाद शीशे से एथनॉल न बनता तो उप्र में गन्ना किसान बर्बाद हो जाता।
किसानों से कहा कि आप पराली जला देते हो। पांच टन पराली से एक टन बायो सीएनजी बनता है। मंच से लोगों को आमंत्रित किया कि यह देखना है तो नागपुर आएं। आपके यहां पानी भी है हमारे यहां 450 फीट पर पानी है।
गर्मी में पीने के पानी की समस्या है। हमारी सरकार ने नैनो यूरिया की सौगात दी है। एक एकड़ में चार बोरी यूरिया लगती है। नैनो यूरिया की दो बोतल में ही काम चल जाता है। ड्रोन से इसके छिड़काव से 75 फीसदी यूरिया पौधों को मिलता है।
जबकि सामान्य यूरिया के छिड़काव से केवल 25 फीसदी ही फसल को मिल पाता है। कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन से कार, बस व हवाई जहाज चलेंगे। एथनॉल का जनरेटर होगा जो ग्रीन हाइड्रोजन बनाकर टंकी में भर देगा। इससे 16 लाख करोड़ रुपये के डीजल का आयात खत्म होगा।
कहा कि सब कुछ हो सकता है। नेताओं को सोचना होगा कि गांव, गरीब व किसान का कल्याण कैसे किया जा सकता है। कैसे युवाओं को रोजगार मिले। ऐसी अर्थ व्यवस्था हो जहां आने वाले समय में उप्र समृद्ध और संपन्न हो। रोजगार के लिए कोई बाहर नहीं जाए।