कानपुर देहात (सरवनखेड़ा)। गजनेर निवासी मुन्ना सिंह (58) को डेंगू के लक्षण थे। दो नवंबर को उनकी मौत हो गई थी। कस्बे के 24 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित थे। जानकारी पर तीन नवंबर को पीएचसी सरवनखेड़ा से डॉ. भावना सिंह ने गांव पहुंचकर मरीजों का उपचार किया था।
यहां से 16 लोगों का सैंपल लेकर एलाइजा टेस्ट के लिए कानपुर भेजा था। रविवार को आई रिपोर्ट में आरती (35) और सुमन (50) डेंगू संक्रमित पाई गईं। हालांकि दोनों उपचार के चलते अब स्वस्थ हैं।
जांच रिपोर्ट में निगेटिव निकले त्रिभुवन सिंह (60) व उनके दो बेटे राघवेंद्र सिंह (27) व राजा सिंह (16) की हालत गंभीर है। कानपुर नगर के रामादेवी स्थित निजी अस्पताल में तीनों का इलाज चल रहा है। राघवेंद्र सिंह के चचेरे भाई शिक्षक जगभान सिंह ने बताया कि निजी अस्पताल में किट से कराई गई जांच में तीनों लोग डेंगू संक्रमित मिले थे।
वहीं, रविवार को पीएचसी सरवनखेड़ा की चिकित्सक भावना ने गजनेर कस्बे में बुखार पीड़ित 13 मरीजों का उपचार करने के साथ दवाएं दीं। सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि गजनेर में संक्रमित मिलीं दोनों महिलाएं उपचार मिलने के चलते अब स्वस्थ हैं। एक परिवार के तीन लोगों की हालत खराब है, लेकिन रिपोर्ट डेंगू निगेटिव आई है। उन्हें कोई और बीमारी हो सकती है।