कानपुर देहात। राजपुर ब्लॉक की रसधान गोशाला में अधिकारियों के निर्देश के बाद भी व्यवस्थाएं नहीं सुधर रही हैं। ग्राम सचिव को नोटिस मिलने के बाद भी यहां हरे चारे की व्यवस्था नहीं की गई। बिना दान, चोकर के सूखा भूसा खाने से मवेशी कमजोर हो रहे हैं।
गोशाला में रविवार को एक और कमजोर मवेशी की मौत हो गई। वहीं, एक कमजोर मवेशी अचानक गिर गया। अब वह उठ नहीं पा रहा है। करीब दो माह में यहां सात मवेशियों की मौत हो चुकी है।
रसधान गोशाला में लगातार मवेशी मर रहे हैं। पिछले माह गोशाला में हरे चारे और दाने आदि का इंतजाम नहीं होने से एक-एक कर चार कमजोर मवेशियों की मौत हो गई थी। वहीं, 30 नवंबर को मवेशी की मौत के बाद सीवीओ ने गोशाला का निरीक्षण किया तो व्यवस्थाएं ठीक नहीं मिलीं थीं।
परिसर में गोबर के ढेर मिले। लगातार हो रही लापरवाही पर सीडीओ सौम्या पांडेय ने भी नाराजगी जताई थी। बीडीओ ने ग्राम सचिव विवेक को नोटिस देकर जवाब तलब किया था। इसके साथ ही एसडीएम सिकंदरा डॉ. पूनम गौतम ने भी गोशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद भी गोशाला में देखरेख और दाना चोकर आदि का सही प्रबंध नहीं हो सका। इससे कमजोर हुए एक और मवेशी की रविवार को मौत हो गई। केयर टेकरों की सूचना पर सिकंदरा पशु चिकित्सालय के डिप्टी सीवीओ डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने मवेशी का पोस्टमार्टम किया।
इधर कमजोर होकर एक मवेशी फर्श पर गिरने के बाद अब उठ नहीं पा रहा है। बता दें कि पूर्व में मवेशियों की मौत के बाद हुए पोस्टमार्टम में पेट में सूखा भूसा पाया गया था।
उधर, सीवीओ व बीडीओ ने 29 नवंबर को बरसीम बोए गए खेत का निरीक्षण कर एक सप्ताह में हरा चारा उपलब्ध होने का दावा किया था लेकिन तेरह दिन से अधिक का समय बीतने के बाद भी गोशाला में हरा चारा का इंतजाम नहीं हो सका है।
बीडीओ राजपुर विजय शंकर शुक्ला ने बताया कि एक और मवेशी की मौत की जानकारी नहीं है। ग्राम सचिव से जानकारी कराई जा रही है। हरा चारा नहीं दिए जाने के कारण की पड़ताल की जाएगी।