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UP: दूसरे के नाम का सिम इस्तेमाल करने के मामले में विकास दुबे की पत्नी रिचा ने अदालत में दाखिल कीं जमानतें

Sat, 27 Aug 2022 01:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात

सार

दो जुलाई 2020 को हुए बिकरू कांड के करीब चार महीने बाद तत्कालीन चौबेपुर थाना प्रभारी कृष्ण मोहन राय ने विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे व सहयोगियों के खिलाफ अन्य के नाम का सिम इस्तेमाल करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर रिचा ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
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विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बिकरू कांड के मुख्य आरोपी कुख्यात विकास दुबे की पत्नी रिचा को चौबेपुर पुलिस ने दूसरे के नाम का सिम इस्तेमाल करने के मामले में आरोपी बनाया था। मामले में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत का आदेश मिलने के बाद शुक्रवार को रिचा एंटी डकैती कोर्ट में हाजिर हुईं। हाईकोर्ट के आदेश के साथ रिचा ने अदालत में जमानतें दाखिल कीं।

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दो जुलाई 2020 को हुए बिकरू कांड के करीब चार महीने बाद तत्कालीन चौबेपुर थाना प्रभारी कृष्ण मोहन राय ने विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे व सहयोगियों राम सिंह, मोनू उर्फ शशिकांत पांडेय, शिव तिवारी, शांती देवी, खुशी दुबे, रेखा अग्निहोत्री, विष्णुपाल व दीपक के खिलाफ अन्य के नाम का सिम इस्तेमाल करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इस पर रिचा ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। सुनवाई कर हाईकोर्ट ने उसको आरोपपत्र दाखिल होने तक जमानत दी थी। बाद में रिचा के अधिवक्ताओं ने एफआईआर निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट में अपील की। इसी बीच पुलिस ने मामले में विवेचना कर रिचा समेत सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर दिए।

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वहीं, मोनू उर्फ शशिकांत पांडेय व शिव तिवारी के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिल पाने से उनके नाम हटा दिए गए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में पुलिस की तरफ से रिचा दुबे के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने पर कोई राहत नहीं दी।
साथ ही सात दिन में निचली अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया। सात दिन बाद भी अदालत में हाजिर नहीं होने पर एंटी डकैती कोर्ट ने रिचा दुबे के खिलाफ वारंट जारी कर दिया।

वहीं, रिचा दुबे के अधिवक्ताओं सीपी शुक्ला व पवनेश कुमार शुक्ला ने एंटी डकैती कोर्ट के समक्ष मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट के क्षेत्राधिकार को चुनौती देते हुए तर्क रखा कि यह मामला स्पेशल कोर्ट एंटी डकैती में नहीं चलाया जा सकता है। इसकी सुनवाई का क्षेत्राधिकार निचली अदालत को है।
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इसके बाद मामला फिर लटक गया। इसी बीच बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत याचिका जिला जज की अदालत में दाखिल की, जो निरस्त हो गई। इस पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसकी सुनवाई कर कोर्ट ने मंगलवार को रिचा दुबे की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली थी। शुक्रवार को रिचा दुबे अपने अधिवक्ताओं के साथ एंटी डकैती कोर्ट चंद्रमणि मिश्रा की अदालत में पेश हुईं और हाईकोर्ट के आदेश को दाखिल किया।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता सीपी शुक्ला व पवनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि एंटी डकैती कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रिचा दुबे को 80-80 हजार रुपये की दो जमानतें दाखिल करने के आदेश दिए। साथ ही मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में हाजिर रहने के आदेश दिए हैं। अदालत में जमानतें दाखिल कर दी गई है। अब मामले की अगली सुनवाई दो सितंबर को होगी।
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