जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमर चंद्रा ने बताया कि तापमान में उतार चढ़ाव का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। ओपीडी में आने वाले मरीजों में बुखार, उल्टी, दस्त जैसी समस्याएं सबसे अधिक हैं। उन्होंने बताया कि कुछ लोग बच्चों को मेडिकल स्टोर से दवा लाकर खिला देते। इससे उनकी हालत और भी बिगड़ जाती है।
डॉ. अमर चंद्रा ने बताया कि बीमारियों से बचने के लिए बच्चों के कपड़ों को साफ रखना चाहिए। हरी सब्जियों को फ्रिज में अधिक देर तक न रखें और फ्रिज का ठंडा पानी न पिएं। छोटे बच्चों के गीले कपड़े समय पर बदलते रहें। जिससे उनको सर्दी, जुकाम, खांसी से बचाया जा सके।
जनरल फिजिशियन डॉ. प्रतीक सक्सेना ने बताया कि वायरल इन्फेक्शन के मरीजों की इस समय लंबी लाइन लग रही है। हर दिन 150 के करीब मरीज सिर्फ बुखार से जुड़े आ रहे हैं। सभी का उपचार किया जा रहा है। डॉ. प्रतीक ने बताया कि पुराने सांस वाले मरीजों में निमोनिया भी हो रहा है। इस तरह के 10 मरीज हर दिन आ रहे।