रनियां। सरवनखेड़ा ब्लॉक के विलसराया गांव के पास बनी अस्थाई गोशाला में शनिवार को एक और मवेशी की मौत हो गई। पशु चिकित्साधिकारी ने मवेशी का पोस्टमार्टम कर शव को दफन करा दिया।
इधर, मरणासन्न हालत में पड़े छह मवेशियों के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ है। दो दिन में इस गोशाला में दो मवेशी मर चुके हैं। जानकारी पर तहसीलदार ने गोशाला का निरीक्षण किया और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
विलसराया गांव के पास वर्ष 2018 में 12 लाख रुपये की लागत से सौ मवेशियों की क्षमता वाली अस्थाई गोशाला बनाई गई थी। वर्तमान में यहां 150 मवेशी है। यहां पर मवेशियों को हरा चारा नही मिल रहा है।
सूखा भूसा खाकर मवेशी कमजोर और बीमार हो गए है। शुक्रवार को यहां एक मवेशी की मौत हो गई थी। इसके बाद शनिवार को भी एक मवेशी ने दम तोड़ दिया। सूचना पर गोशाला पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी डॉ. तेजेंद्र सिंह व सचिव शिव कुमार शर्मा ने बताया कि मवेशी का पोस्टमार्टम कराकर शव दफना दिया गया।
इधर, कई दिनों से मवेशियों को हरा चारा, चूनी चोकर न मिलने से वह कमजोर व बीमार हो रहे है। शनिवार को गोशाला पहुंचे नायब तहसीलदार सूर्य प्रकाश ने व्यवस्थाएं देखीं। सचिव से कहा कि बीमार मवेशियों का जल्द से जल्द से इलाज कराएं।
हरे चारे, चूनी चोकर आदि की व्यवस्था कराएं। सचिव शिव कुमार शर्मा ने बताया कि दो दिन में मवेशियों के लिए हरे चारे को व्यवस्था कर दी जाएगी। बीमार मवेशियों को इलाज किया गया है।
उधर, ग्रामीणों के अनुसार गोशाला की देखरेख करने वाले केयर टेकर की झोपड़ी के पास शराब की बोतलें भी प़ड़ी मिली हैं। इससे प्रतीत होता है कि रात में गोशाला में शराब पी जाती है।
रायपुर गोशाला में भी दुरुस्त नहीं व्यवस्थाएं
कस्बे की रायपुर गोशाला में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं होने से मवेशी कमजोर हो रहे हैं। केयर टेकर पप्पू खां ने बताया कि गोशाला में वर्तमान में 98 मवेशी है। इनमें तीन मवेशी गंभीर रूप से बीमार है। यहां भी चूनी, चोकर आदि की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। फत्तेपुर रोशनाईं स्थित काजी हाउस में 38 मवेशी है। सूखे भूसे के अलावा यहां भी मवेशियों को हरा चारा नहीं मिल रहा है।