कानपुर देहात। मवेशियों में तेजी से फैल रहे लंपी वायरस ने जिले में भी दस्तक दे दी है। डेरापुर और भोगनीपुर क्षेत्र में दो-दो मवेशी में वायरस की पुष्टि हुई है। इसकी जानकारी पर पशुपालन विभाग के निदेशक रविवार को भोगनीपुर पहुंचे और संक्रमित मवेशियों के बारे में पशुपालक से जानकारी ली।
शासन से रविवार को जिले के चार मवेशियों में लंपी वायरस होने की सूचना जारी की गई। इस पर निदेशक पशुपालन रोग नियंत्रण डॉ. पीके सिंह भोगनीपुर पहुंचे और उन्होंने पशुपालक से मवेशी का हाल जाना है। इसके बाद विकास भवन सभागार में सीडीओ और निदेशक ने एसडीएम और बीडीओ के साथ बैठक कर वायरस के प्रति पशुपालकों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
सीडीओ सौम्या पांडेय ने बताया कि लंपी वायरस होने पर मवेशी के शरीर में सिक्के जैसे आकार की गांठ, बुखार आना और शरीर कमजोर होने लक्षण दिखते हैं। सभी पशुपालक किसी भी मवेशी में ऐसे लक्षण दिखने पर सतर्क हो जाएं।
पशुपालक उपचार के लिए क्षेत्र के पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने पशुओं के परिवहन व बाजारों में पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह बीमारी छुआ छूत से फैलती है।
उन्होंने पशुपालकों से कहा कि वह पशु रखने वाले स्थान में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पशुपालन विभाग की ओर से निशुल्क टीकाकरण कराया जा रहा है। पशुओं को टीका जरूर लगवाएं।
उन्होंने बताया कि घाव मिलने पर नीम के पानी से धोएं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. देवकी नंदन लावानिया ने बताया कि भोगनीपुर और डेरापुर के दो-दो मवेशियों में लंपी वायरस की पुष्टि हुई है।
भोगनीपुर में संक्रमित मवेशियों को पशुपालक के घर में आइसोलेट किया गया है। डेरापुर के दो मवेशियों को क्षेत्र के पशु चिकित्सालय में आइसोलेट किया गया है। डॉ. देवकी नंदन ने बताया कि सभी पशु चिकित्सालयों को अलर्ट किया गया है।
गोशालाओं को किया जा रहा सैनिटाइज
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि लंपी वायरस गंदगी की वजह से फैलता है। इसको देखते हुए जिले की सभी गोशाला में साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ गोशाला में रविवार को सैनिटाइजेशन हुआ भी है।