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Kanpur Dehat : चार भाइयों को आजीवन कारावास, 28 साल पहले की थी घाटमपुर के सतरहुली गांव के प्रधान की हत्या

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कानपुर देहात। घाटमपुर क्षेत्र में 28 साल पहले हुई ग्राम प्रधान की हत्या में चार सगे भाइयों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 35-35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मौत हो चुकी थी।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय ने बताया कि घाटमपुर सतरहुली गांव निवासी वीरेंद्र सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि 29 मई 1994 को उसके भाई ग्राम प्रधान तेज बहादुर सिंह से पास के गांव सिरोह निवासी रामू ने एक विवाद में पंचायत के लिए घाटमपुर चलने को कहा था।
इस पर वह भाई तेज बहादुर के साथ घाटमपुर गया, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद रामू ने घाटमपुर बंबे के रास्ते से वापस चलने को कहा। इस पर वह तीनों एक ही बाइक से घाटमपुर बंबे के रास्ते पर चल दिए।
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रास्ते में बाइक बंद हो गई, तो रामू उतर कर दूर खड़ा हो गया। इसी बीच गजनेर के गिरसी गांव निवासी संतोष व सराय गांव निवासी केवल उसके सगे भाई बाबू, मुंशी लाल व मुलायम और सिरोह गांव के रामसागर उर्फ रामू ने फायरिंग शुरू कर दी।
इस पर वह और तेज बहादुर भागने लगे। इसी बीच सभी ने दौड़ा कर तेज बहादुर को कई गोलियां मारी। इससे मौके पर उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में विवेचना कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए थे।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम रवि यादव की अदालत में चल रही थी। सुनवाई दौरान संतोष व राम सागर उर्फ रामू की मौत हो गई थी। शुक्रवार को बचाव पक्ष की दलीलों का विरोध करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की अदालत से मांग की।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद केवल, बाबू, मुंशीलाल व मुलायम को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर अर्थदंड भी लगाया है।
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