शिवली। कई गांवों के घरों को अपनी सोलर लालटेन से रोशन करने वालीं बैरी दरियावां गांव निवासी नूरजहां के काम की तारीफ आठ साल पहले प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में की थी।
अब मन की बात के 100वें संस्करण के मौके पर 30 अप्रैल को राजभवन लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उनको बुलावा आया है। लोगों के बीच लालटेन दीदी के नाम से प्रसिद्ध नूरजहां अपने बेटे इसाक के साथ 29 अप्रैल को लखनऊ जाएंगी।
श्रमिक भारती संस्था ने एक लाख रुपये खर्च कर बैरी दरियावां गांव निवासी नूरजहां को पांच सोलर प्लेट, बैटरी और पचास सोलर लालटेन देकर रोजगार मुहैया कराया था। नूरजहां एक माह में एक लालटेन का सौ रुपये किराया लेती थीं।
इससे वह पांच हजार रुपये प्रतिमाह कमा लेती थीं। लोग खुद नूरजहां के घर आकर लालटेन ले जाते थे। रात में प्रयोग कर बैटरी चार्ज करने के लिए सुबह फिर वापस दे जाते थे। यह लालटेन महिलाओं को घरों में दीपक से निजात दिलाती थी।
साथ ही बच्चों को रात में पढ़ने में काफी मदद करती थीं। मई 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में नूरजहां के सोलर सिस्टम पर आधारित गांवों में रोशनी करने के प्रयास की सराहना की थी।
2016 में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नूरजहां को लक्ष्मीबाई अवार्ड से सम्मानित कर एक लाख रुपये की सहायता राशि दी थी। हालांकि मन की बात के 100वें संस्करण के मौके पर 30 अप्रैल को राजभवन लखनऊ बुलाए जाने पर नूरजहां काफी उत्साहित हैं।