कानपुर देहात। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। डीएम नेहा जैन की पहल के बाद जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में पांच बेड का आईसीयू बनाया जाएगा। इसके लिए सीएमएस की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
जिले से होकर कानपुर-इटावा और झांसी हाईवे गुजरा है। लगभग हर दिन होने वाले हादसों में 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल होते। इनका उपचार सीएचसी व जिला अस्पताल में होता है।
इसमें कुछ घायलों को आईसीयू की जरूरत होती, लेकिन जिला अस्पताल में सुविधा नहीं होने से मरीजों को हैलट रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में घायल की हालत और भी ज्यादा बिगड़ने की संभावना रहती है। कई बार मरीज की जान भी चली जाती।
इसको देखते हुए डीएम नेहा जैन ने जिला अस्पताल में कम से कम पांच बेड का आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) बनाने के निर्देश दिए थे। इस पर सीएमएस डॉ. आरपी गुप्ता ने काम भी शुरू करा दिया है।
डॉ. आरपी गुप्ता ने बताया कि ट्रामा सेंटर के पांच बेड में निगरानी मशीन, एबीजी मशीन (आर्टिरीअल ब्लड-गैस एनालाइसिस), गले में डालने वाली ट्यूब, चार टेक्नीशियन क्रिटिकल केयर, स्टाफ नर्स, चार निश्चेतक और फिजिशियन की जरूरत होगी।
उन्होंने के बताया कि उपलब्धता के सापेक्ष जिला अस्पताल में सिर्फ दो निश्चेतक हैं। फिजिशियन व अन्य डॉक्टरों को इनडोर ड्यूटी में लगाया जाता है। इस वजह से आईसीयू में डॉक्टर की ड्यूटी लगाने में समस्या रहेगी।
डॉ. आरपी गुप्ता ने बताया कि शौचालय सहित कुछ अन्य काम चल रहा है। आने वाले 10 दिनों में आईसीयू तैयार हो जाएगा। सीएमएस डॉ. आरपी गुप्ता ने बताया कि आईसीयू में मरीजों को अस्पताल की ओर से दवाएं उपलब्ध कराई जाऐंगी। अगर दवा कम है तो डॉक्टर की मांग पर उसे शासन से मंगवाया जाएगा।