कानपुर देहात। मंगलपुर क्षेत्र में करीब चार साल पहले फंदा लगाने से हुई विवाहिता की मौत के मामले में कोर्ट ने पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध में दोषी पाया। इस पर पति को पांच साल कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है। साक्ष्यों के अभाव में सास व ससुर को दोषमुक्त कर दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल व सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज सिंह ने बताया कि कानपुर नगर के शिवराजपुर के टोडकापुर गांव निवासी रमेशचंद्र ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसने बेटी पूनम की शादी एक मई 2019 को मंगलपुर क्षेत्र के खम्हैला गांव निवासी सुमित उर्फ शैलेंद्र के साथ की थी।
शादी के बाद से संध्या का पति सुमित, सास मंजू , ससुर छून्ना उर्फ अरविंद व जेठ अमित उसे दहेज में बाइक व 50 हजार रुपये लाने की मांग कर प्रताड़ित करने लगे। 24 अक्तूबर 2019 को सभी ने फंदे से लटका कर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने विवेचना कर पति, सास व ससुर के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किए थे। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश लालचंद्र गुप्ता की अदालत में चल रही थी।
सोमवार को अदालत ने पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध का दोषी पाते हुए पांच साल की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास काटने की सजा दी है। वहीं सास व ससुर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।