कानपुर देहात। गजनेर क्षेत्र में दहेज की मांग पूरी न होने पर हुई विवाहिता की हत्या के मामले में अदालत ने गुरुवार को दोषी पति को आठ व सास ससुर और जेठ को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार कटियार ने बताया कि भोगनीपुर के सहिवापुर गांव निवासी जगदीश सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उसकी बहन मंजू की शादी गजनेर के जलालपुर नागिन गांव के सुरेंद्र उर्फ दीपू के साथ सात फरवरी 2015 को हुई थी।
शादी के कुछ समय बाद बहन मंजू को उसका पति सुरेंद्र उर्फ दीपू, ससुर बेटन, सास उर्मिला, जेठ महेंद्र, जेठानी हेमा, देवर जितेंद्र व ननद कुसुम दहेज में एक लाख रुपये और बाइक लाने की मांग करते हुए प्रताड़ित करने लगे।
25 मई 2016 को सभी ने मिलकर मंजू की हत्या के बाद उसे जला दिया और घर से भाग गए। जब वह मौके पर पहुंचा तो उसकी बहन का शव जली हालत में मिला। पुलिस ने मामले में विवेचना कर पति सुरेंद्र उर्फ दीपू, ससुर बेटन, सास उर्मिला व जेठ महेंद्र के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए थे।
वहीं अन्य आरोपियों का नाम साक्ष्य न मिलने पर हटा दिया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रवि यादव की अदालत में चल रही थी।
गुरुवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोषी पति सुरेंद्र उर्फ दीपू को आठ साल व सास उर्मिला, ससुर बेटन व जेठ महेंद्र को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
प्रत्येक दोषी पर छह-छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटने का आदेश दिया है।