कानपुर देहात। गैर जमानती वारंट और कुर्की का आदेश जारी होने के बाद डेरापुर थाना पुलिस कुछ ऐसी सक्रिय हुई की बिना जांच पड़ताल किए ही फरार चल रहे आरोपी के नाम, पिता व गांव के पते वाले निर्दोष बुजुर्ग को ही गिरफ्तार कर लिया।
बुजुर्ग को कोर्ट में पेश कर जेल भी भेज दिया गया। हकीकत सामने आने पर अब पुलिस कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करने में जुटी है। वहीं, बुजुर्ग की ओर से जमानत अर्जी अदालत में दी गई है, लेकिन पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने से सुनवाई नहीं हो सकी।
कस्बा निवासी सत्तार के बेटे जब्बार शाह को डेरापुर थाना पुलिस ने वर्ष 1994 में गोकशी के आरोप में जेल भेजा था। जब्बार शाह जमानत के बाद कुछ दिन कस्बे में रहा। करीब 25 वर्ष पहले रोजगार की तलाश में परिवार के साथ चला गया।
लंबे समय से वह तारीख पर न्यायालय नहीं पहुंचा। अदालत ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट और फिर धारा 82 के तहत कुर्की का नोटिस जारी किया। इसके बाद भी आरोपी जब्बार ने खुद को कानून के हवाले नहीं किया।
इस पर अदालत ने कुर्की का आदेश जारी कर दिया था। गुरुवार को थाना पुलिस ने कस्बे के शंकर नगर निवासी सत्तार के बेटे जब्बार (80) को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया। अदालत ने उसे जेल भेज दिया।
जब्बार के बेटे लल्लू बेग ने अधिकारियों से मिलकर पिता को निर्दोष बताया। कहा कि पिता पर आज तक एक भी मामला नहीं दर्ज है और न ही वह कभी जेल गए हैं, लेकिन पुलिस ने उसकी नहीं सुनी।
मामला तूल पकड़ने पर थाना प्रभारी ने छानबीन की तो पता चला कि आरोपी व जेल भेजे गए बुजुर्ग का नाम, पिता का नाम व घर का पता एक ही है। गलतफहमी के चलते आरोपी की जगह निर्दोष को जेल भेज दिया गया।
गलती का अहसास होने पर थाना प्रभारी गंगा सिंह शुक्रवार को मामले के आरोपी रहे जब्बार के जमानतगीर के साथ मय रिपोर्ट के अदालत में पेश हुए। वहीं, निर्दोष जेल गए जब्बार की ओर से जमानत अर्जी अदालत में दाखिल की गई। अदालत के पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने से मामले में सुनवाई नहीं हो सकी।
यह है पूरा मामला
डेरापुर पुलिस ने क्षेत्र के रामशंकर की तहरीर पर दिसंबर 2014 में डेरापुर निवासी इस्लाम, दाऊद व जब्बार के अलावा रूरा सराय के सहाबुद्दीन के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम का मामला दर्ज किया था। सभी आरोपी अदालत से जमानत पर छूट चुके हैं। मामले की सुनवाई एसीजेएम प्रथम मोहम्मद तौफीक रजा की अदालत में चल रही है। आरोपी सहाबुद्दीन, इस्लाम व दाऊद के वर्ष 2021 में अपराध स्वीकार करने पर अदालत ने उन्हें अर्थदंड से दंडित कर मामला खत्म कर दिया था। आरोपी जब्बार जमानत पर छूटने के बाद से अदालत में हाजिर नहीं हुआ है।
नाम व पता एक होने से गलत फहमी हुई, जिससे आरोपी जब्बार के स्थान पर बुजुर्ग जब्बार को डेरापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सही रिपोर्ट अदालत में देकर बुजुर्ग जब्बार को छुड़ाया जाएगा। मामले की जांच भी किसी राजपत्रित अधिकारी से कराई जाएगी। - सुनीति, एसपी