कानपुर देहात। अकबरपुर के दया का पुरवा स्थिति एक इंटर कॉलेज में कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं में 436 छात्र-छात्राओं के पंजीकरण का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। उप शिक्षा निदेशक ने मिली गड़बड़ी के सत्यापन के निर्देश डीआईओएस को दिए हैं। डीआईओएस सात दिन में अभिलेख समेत रिपोर्ट देंगे। इसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
दया का पुरवा स्थित श्याम लाल इंटर कॉलेज में माध्यमिक के उप शिक्षा निदेशक प्रेमप्रकाश मौर्य ने 26 अगस्त को निरीक्षण किया था। इस दौरान यहां कक्षा 9 से 12 तक की कक्षा में 175 छात्र-छात्राएं उपस्थित मिले।
उपस्थिति पंजिका देखने पर 225 छात्र-छात्राएं पंजीकृत मिले। जबकि कॉलेज की ओर से 661 छात्र-छात्राओं के पंजीकरण और बोर्ड परीक्षा शुल्क कोषागार में जमा कराने की स्थिति मिली। उप शिक्षा निदेशक की ओर से कॉलेज के प्रबंधक/प्रधानाचार्य को नोटिस देकर तीन दिन में जवाब तलब किया गया लेकिन कॉलेज की ओर से कोई जवाब नहीं प्रस्तुत किया गया।
उपस्थिति पंजिका में दर्ज नामांकन से इतर 661 छात्र-छात्राओं के पंजीकरण/बोर्ड परीक्षा शुल्क जमा किए जाने में 436 छात्र-छात्राओं के पंजीकरण का फर्जीवाड़ा सामने आया। कक्षा नौ में पंजीकृत 58 के सापेक्ष 173 छात्र-छात्राओं का शुल्क जमा किया गया है।
कक्षा 10 में पंजीकरण 76 के सापेक्ष 171, कक्षा 11 में पंजीकरण 46 के सापेक्ष 154, कक्षा 12 में पंजीकरण 45 के सापेक्ष 163 छात्र-छात्राओं का शुल्क जमा किए जाने की स्थिति मिली है।
मामले में अब डीआईओएस से सात बिंदुओं पर अभिलेख सहित रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी गई है। इसके आधार पर अवैध पंजीकरण के मामले में कॉलेज पर कार्यवाही होगी।
निरीक्षण के समय उपस्थिति पंजिका में दर्ज नामों के सापेक्ष कम छात्र-छात्राएं ही मिले थे। इधर पंजीकरण/बोर्ड परीक्षा शुल्क 661 छात्र-छात्राओं का जमा कराया गया है। यहां कुल पंजीकरण 225 मिला है। इससे अन्य 436 छात्र-छात्राओं के गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने का अंदेशा है। डीआईओएस की रिपोर्ट के आधार पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर कार्यवाही की जाएगी। - प्रेम प्रकाश मौर्य, उप शिक्षा निदेशक माध्यमिक कानपुर
उप शिक्षा निदेशक का पत्र शुक्रवार को मिला है। पूर्व में किए गए निरीक्षण से उन्हें अवगत नहीं कराया गया है। निर्देशानुसार कॉलेज का निरीक्षण कर साक्ष्य समेत कार्यवाही के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। - अरविंद कुमार द्विवेदी, डीआईओएस कानपुर देहात।