कानपुर देहात। एंटी डकैती कोर्ट में बेहमई कांड की सुनवाई के दौरान मंगलवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पुलिस की तरफ से की गई शिनाख्त कार्यवाही पर सवाल उठाए। पत्रावली में कुछ शिनाख्त मेमो नहीं होने की बात कही। कोर्ट ने अब बहस के लिए तीन अगस्त की तिथि तय की है।
बेहमई गांव में फूलन देवी ने 14 फरवरी 1981 को साथियों के साथ मिलकर 20 लोगों की हत्या कर दी थी। छह लोग घायल हो गए थे। मामले में गांव के राजा राम सिंह ने फूलन देवी समेत अन्य डकैतों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान घटना के वादी व गवाह समेत अधिकांश आरोपियों की मौत हो चुकी है। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट चंद्रमणि मिश्रा की अदालत में चल रही है।
मंगलवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे ने बहस करते हुए मामले में पुलिस की ओर से की गई शिनाख्त कार्यवाही पर सवाल उठाए। कोर्ट को बताया कि मामले में कुछ गवाहों से कराई गई शिनाख्त कार्यवाही के मेमो पत्रावली में नहीं है।
इस पर कोर्ट ने आगे की बहस के लिए तीन अगस्त की तिथि तय की है। इस दौरान विश्वनाथ कोर्ट में उपस्थित रहा। वहीं, श्यामबाबू की तरफ से हाजरी माफी का प्रार्थनापत्र दिया गया। जेल में बंद पोसा अत्यधिक वृद्ध व बीमार होने के कारण कोर्ट नहीं लाया गया।