रूरा। क्षेत्र के अंदाया पुल के पास बुधवार को नहाने के दौरान रिंद नदी में डूबे दो छात्रों के शव गुरुवार की सुबह एसडीआरएफ की टीम ने खोज निकाले। शव मिलने से परिजन बिलख पड़े।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे की बात कही तो परिजन उनको घर ले जाने की जिद पर अड़ गए और हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि शव को पहले उनकी मां और परिजन देख लें, इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाए। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी ने नियम का हवाला देकर लोगों को शांत कराया।
रूरा के हंसपुर गांव निवासी कल्याण सिंह का बेटा पंकज (12) क्षेत्र के अंदाया के प्राथमिक स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। इसी स्कूल में गांव के पटवारी का बेटा विवेक (13) सातवीं कक्षा में पढ़ता था।
बुधवार की दोपहर स्कूल की छुट्टी होने के बाद पंकज, विवेक अन्य सहपाठियों सत्यम, आलोक और चांदनी के साथ अंदाया पुल के नीचे रिंद नदी में नहाने उतर गए थे। उसी दौरान पंकज को गहरे पानी में डूबता देख उसे बचाने की कोशिश में विवेक भी नदी में डूब गया था।
दो छात्रों के नदी में डूबने की सूचना पाकर एसडीएम पूनम गौतम, सीओ अरुण कुमार सिंह और थाना प्रभारी समर बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे थे। गोताखोरों को बुलाकर छात्रों की तलाश शुरू कराई थी, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला था।
अफसरों ने छात्रों का पता लगाने के लिए एसडीआरएफ की टीम बुलाई। गुरुवार को एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और एक घंटे बाद नदी से दोनों छात्रों के शव खोज निकाले। इसके बाद परिजन बच्चों के शव घर जाने की जिद पर अड़ गए और हंगामा शुरू कर दिया। मौके पहुंचे थाना प्रभारी ने आक्रोशित लोगों को समझा कर शांत कराया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एक का दस तो दूसरे का एक किमी दूर मिला शव
पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने बुधवार की पूरी रात सर्च लाइट की मदद से बच्चों की नदी मेंं तलाश कराई। देर रात तक चले अभियान के बाद भी छात्रों का कुछ पता नहीं चला था। गुरुवार की सुबह एसडीआरएफ की टीम पहुंची और नदी में छात्रों की तलाश शुरू की। इस दौरान पुल से दस किलोमीटर दूर करिगवां गांव में विवेक का शव मिला। जबकि पंकज का शव घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर शव मिला।
तीन दिन से नदी में नहाने जा रहा थे बच्चे
पंकज और विवेक सहपाठियों के साथ शनिवार से लगातार रिंद नदी में नहाने जा रहे थे। इसकी भनक न तो परिवार के लोगों को थी और न ही शिक्षकों को। बुधवार को नदी में दो छात्रों के डूबने के बाद पुलिस की तहकीकात में यह बात सामने आई।
गांव में पसरा सन्नाटा, कई घरों में नहीं जले चूल्हे
विवेक का शव मिलने की जानकारी पर मां बिटोला देवी और बहन खुशबू मौके पर पहुंची। दोनों विवेक का शव देख बेहोश होकर गिर गईं। पिता पटवारी के साथ मां बिटोला बहन खुशबू के विलाप से माहौल गमगीन था। इसी बीच पंकज का शव मिल गया तो लोगों के साथ मौजूद मां गीता, बहनें मीना, सीमा, शिमला, लक्ष्मी और भाई सज्जन, संदीप, संजय, दीपक बिलखने लगे। विवेक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बहन खुशबू ने रोते हुए कहा कि अकेला भाई था, वो भी साथ छोड़ गया। अब किसकी कलाई में राखी बांधेगी।
मां गीता ने रोते हुए कहा कि विवेक उनके बुढ़ापे पर इकलौता सहारा था, भगवान ने उसे भी छीन लिया। वहीं, दोनों छात्रों की मौत से रूरा के हंसपुर गांव में सन्नाटा पसरा रहा। हर तरफ मातम का माहौल दिखा। दोनों छात्रों के घरों से महिलाओं के रोने की आवाजें सुनाई देती रहीं। वहीं, घर में दिनभर सांत्वना देने आने वालों का क्रम चलता रहा। कई घरों में चूल्हे भी नहीं जले। शाम को परिजनों ने छात्रों का रिंद नदी के किनारे एक ही स्थान पर शव दफना दिया।