रूरा। कस्बे के भिखनापुर गांव में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का भवन जर्जर है। सोमवार रात में केंद्र की छत के निचले भाग का प्लास्टर टूटकर गिरा। मंगलावर को कार्यकर्ता केंद्र पर पहुंची तो मलबा गिरने की जानकारी हुई। अगर दिन में प्लास्टर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
भिखनापुर गांव में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का भवन काफी पुराना है। छत में दरार आ गई है। कई जगह से प्लास्टर पहले भी गिर चुका है। सोमवार की रात में पानी बरसने के दौरान छत का प्लास्टर टूटकर कमरे में गिरा। रात का समय होने से आंगनबाड़ी केंद्र बंद था। इ
ससे बड़ा हादसा बच गया। सुबह केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहुंची तो उसे इसकी जानकारी हुई। हादसे की संभावना को देखते हुए यहां आने वाले बच्चों को अब पास स्थित मंदिर प्रांगण में पढ़ाया जा रहा है।
आंगनबाड़ी सहायक ममता ने बताया कि वर्तमान में केंद्र में 18 बच्चे पंजीकृत हैं। कमरे की दीवारें व छत जर्जर है। कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित तौर पर अवगत कराया गया है।
छत का प्लास्टर गिरने पर फिलहाल बच्चों को मंदिर प्रांगण में पढ़ाया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश यादव ने बताया कि जल्द भवन का निरीक्षण कराकर मरम्मत कराई जाएगी।