स्ट्रक्चरल डिजाइन ठीक न होने से धंसा पिलर
इंजीनियरों की जांच में पता चला कि दीप वाटिका अपार्टमेंट के फाउंडेशन के नीचे की मिट्टी की बियरिंग कैपिसिटी तथा स्ट्रक्चरल डिजाइन ठीक न होने के कारण बिल्डिंग का पिलर क्रैक होने के बाद नीचे धंस रहा है। बिल्डिंग झुक गई है। बरसात में बिल्डिंग किसी भी वक्त गिर सकती है। अधिकारियों ने जान-माल की सुरक्षा के लिए उचित घेराबंदी और तत्काल मकान को खाली करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने घोषणा की ‘किसी तरह का नुकसान या दुर्घटना होने पर नगर निगम की ओर से कोई क्षतिपूर्ति नहीं दी जाएगी’।
इनको भी जारी हुआ नोटिस
सहायक अभियंता की तरफ से वार्ड 34 के अंतर्गत रतन लाल नगर के प्लॉट नंबर-83 के मुकेश आहूजा और प्लॉट नंबर-85 के अभिषेक सिंह चौहान को नोटिस जारी किया गया है। घर की दीवारों पर भी नोटिस चस्पा की गई।
भवन का नक्शा पास होने या न होने से भवन गिरने का कोई संबंध नहीं है। निजी भवन की गुणवत्ता जांच का अधिकार केडीए को नहीं है। आमजन के लिए गुणवत्ता जांचने का तरीका है कि भवन केडीए का हो या फिर रेरा में पंजीकृत हो। भवन खराब गुणवत्ता के कारण गिरता है तो क्रेता, विक्रेता के खिलाफ डैमेज का सिविल सूट दायर कर सकता है।- सत शुक्ला, विशेष कार्याधिकारी, प्रभारी जोन-3, केडीए
बिल्डर ने शुरू कराया काम, अधिकारियों ने रुकवाया
पिलर धंसने की सूचना पर पहुंचे बिल्डर प्रेमचंद पाखरानी ने फ्लैट मालिकों को भवन को नए पिलर से सपोर्ट देकर उनका सामान निकलवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने काम शुरू भी करवा दिया। यह देख लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। तभी नगर निगम की पहुंची टीम ने भवन को जर्जर घोषित करते हुए किसी के भी प्रवेश पर रोक लगा दी, जिसके बाद बिल्डर को काम बीच में ही रुकवाना पड़ा। यह देख फ्लैट के मालिक फिर से मायूस हो गए।
लोड के कारण अन्य पिलरों में भी आई दरारें
बिल्डिंग दाईं तरफ झुकने से अन्य पिलरों में भी दरारें पड़ गई हैं। अगल-बगल बनी दीवारों में भी दरार आने लगी है। जो पिलर सही हैं, उनमें भी प्लास्टर झड़ने लगा है और अंदर की सरिया दिख रही है। इलाकाई भी दहशत में हैं।