इसमें एक आरोपी राजेश पाल को जेल भी भेजा गया था। आरोप है कि कार्रवाई से गुस्साए चाचाओं ने दिसंबर 22 में गोविंदनगर निवासी बेला देवी को फर्जी प्रीति बताकर उनके खिलाफ ही बिठूर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया था। जिसमें कहा था कि वह असली प्रीति नहीं है। प्रीति के आरोपों को सुनने के बाद पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने मामले की जांच डीसीपी पश्चिम विजय ढुल को सौंपी है। खुद को प्रीति बताने वाली दोनों महिलाओं और उनके चाचाओं के डीएनए जांच के आदेश दिए।
प्रॉपर्टी की असल वारिस का पता करने के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।- विजय ढुल, डीसीपी पश्चिम