होली के बाद पड़ने वाली द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला भाई दूज का पर्व इस बार पांच मार्च को मनाया जाएगा। बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करेंगी। ज्योतिषाचार्य पं. पीएन द्विवेदी के अनुसार द्वितीय तिथि चार मार्च को शाम 4:05 बजे से पांच मार्च शाम 4:28 बजे तक रहेगी। इस दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र है। दूज पर एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि बहन को भाई के घर जाना चाहिए, भाई को बहन के घर नहीं जाना चाहिए। धन, वैभव की दृष्टि से ऐसा दोनों के लिए उत्तम रहता है और यह भाई की प्रगति के लिए भी लाभकारी है।