वहीं, बैठक में जरीब चौकी से आईआईटी तक एलिवेटेड ट्रैक की डीपीआर का रिव्यू किया गया। अपर मंडल रेल प्रबंधक विवेक कुमार गुप्त ने बताया कि पखवारे भीतर बैठक में हुए फैसलों को डीपीआर में जोड़कर इसे भेज दिया जाएगा। उम्मीद है कि 25 दिसंबर तक डीपीआर स्वीकृत हो जाए। बैठक में पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजीव कुमार, बरेली के एडीआरएम विवेक कुमार, विधायक सुरेंद्र मैथानी, नीलिमा कटियार, अभिजीत सिंह सांगा, अरुण पाठक मौजूद रहे।
रेलवे ने बदली थी डिजाइन तो कम हुई लागत
पूर्वोत्तर रेलवे ने इस प्रोजेक्ट की डिजाइन बदलकर लागत करीब 800 करोड़ रुपये कम कर दी है। डीपीआर पहले करीब 1972 करोड़ रुपये में बनी थी, अब इसे 1200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। ट्रैक जरीब चौकी से आईआईटी के आगे तक 14 रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर ही बनेगा, लेकिन अब इसे वायडक्ट (क्रॉसिंग से गुजरने के लिए सुरंगी रास्ता) के बजाय खंभों पर खड़ा किया जाएगा। पहले डबल ट्रैक बनाया जाना प्रस्तावित था लेकिन अब यह सिंगल एलिवेटेड ट्रैक ही बनाया जाएगा।