गंगा बैराज तट पर सत्संग भवन के उद्घाटन पर तीन दिवसीय कार्यक्रमों की बुधवार से शुरुआत हो गई। पहले दिन कलश यात्रा निकाली गई। इसमें 151 महिलाएं केशरिया वस्त्र धारण कर सिर पर कलश रखकर चल रही थीं। सत्संग भवन का निर्माण विश्व के पंचम मूल जगद्गुरु कृपालु महाराज की प्रमुख प्रचारिका डाॅ. कुंजेश्वरी के सानिध्य में हुआ है। सुबह गुरुदेव व राधा-कृष्ण की आरती के बाद कलश यात्रा अटल घाट से निकाली गई। फूलों से सजी बग्घी पर कृपालु महाराज का चित्र और दूसरी में राधा-कृष्ण का चित्र विराजमान था। गाजे-बाजे के साथ कीर्तन करते हुए भक्त राधा गोविंद धाम (सत्संग हाॅल) पहुंचे, जहां राधा-कृष्ण के विग्रह का अभिषेक किया गया। भक्तों ने कलश में कई तीर्थ स्थानों के भरे जल से सत्संग हाॅल को धोया। कार्यक्रम का समापन हरि कीर्तन से हुआ। हॉल का उद्घाटन 14 फरवरी को होगा। यहां कैलाश अग्रवाल, प्रमोद टंडन, किशन अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, ज्ञानेंद्र विश्नोई, संजय अग्रवाल, विकास खंडेलवाल, सुधाकर मिश्रा, मनोज शुक्ला, डाॅ. धीरेंद्र सक्सेना, भानु दीक्षित, जगत यादव आदि रहे।