कई करीबियों को उठाकर पूछताछ की
इसके बाद आठ टीमों को जिम्मेदारी दी गई। पुलिस ने नीलू की तलाश में आसपास के जनपदों समेत कई संभावित स्थानों पर दबिश दी लेकिन हर बार वह पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। सोमवार देर रात पुलिस ने शहर के कई स्थानों पर दबिश दी और नवाब सिंह व नीलू के कई करीबियों को उठाकर सदर कोतवाली में पूछताछ की।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
मंगलवार की सुबह नीलू यादव पुलिस को चकमा देकर जिला एवं सत्र न्यायालय में पहुंच गया। जहां उसने अधिवक्ता राकेश तिवारी के साथ कोर्ट में सरेंडर कर दिया। न्यायालय में आत्म समर्पण की जानकारी होते ही कोर्ट परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। दोपहर के समय नीलू को पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया।
नीलू बोला- न्यायपालिका पर पूरा भरोसा
कोर्ट में सरेंडर होने के बाद आरोपी नीलू यादव से जब मीडिया कर्मियों ने आरोपों के विषय में पूछा तो उसने बताया कि यह फर्जी केस है और उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। कहा पुलिस की टीमें लगीं रहीं, लेकिन उसे नहीं पकड़ सकीं। उसके ऊपर फर्जी इनाम घोषित किया गया। यदि पुलिस को इनाम ही देना है तो उनके वकील को दें।
किशोरी दुष्कर्म कांड में सह अभियुक्त नीलू यादव ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। अब पुलिस उसे दो दिन की कस्टडी रिमांड पर लेगी और उससे पूछताछ की जाएगी। एक सप्ताह के अंदर इस प्रकरण में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी जाएगी। -अमित कुमार आनंद, पुलिस अधीक्षक
पॉक्सो कोर्ट में फास्ट ट्रैक करेगी पुलिस
किशोरी दुष्कर्म कांड में सह आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख नीलू यादव को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर पूछताछ करेगी। इसके बाद सप्ताह भर के अंदर चार्जशीट और साक्ष्य कोर्ट में दाखिल कर दिए जाएंगे। एसपी ने बताया कि पॉस्को कोर्ट में फास्ट ट्रैक की तरह ही ट्रायल होगा और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
कस्टडी रिमांड में पूछताछ करेगी पुलिस
मंगलवार को सह आरोपी नीलू यादव के कोर्ट में सरेंडर होने के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया है। अब पुलिस नीलू यादव को कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। एसपी ने मामले की विवेचना कर रहे सदर कोतवाली प्रभारी कपिल दुबे को न्यायालय के आदेश पर कस्टडी रिमांड में लेने के निर्देश दिए हैं।
सप्ताह भर के अंदर पुलिस कोर्ट में दाखिल करेगी चार्जशीट व साक्ष्य
एसपी ने बताया कि नीलू को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर उससे घटना के संबंध में पूछताछ की जाएगी और कई प्रकार के साक्ष्य जुटाए जाएंगे। नीलू ने पीड़िता की बुआ के एक परिचित के खाते में चार लाख रुपये का ट्रांजेक्शन किया था। इसके बारे में भी साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे। उसने किशोरी से दुष्कर्म के मुख्य आरोपी अपने बड़े भाई नवाब सिंह यादव को बचाने के लिए पीड़िता की बुआ को 10 लाख रुपये का लालच दिया था। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण न कराने तथा कोर्ट में बयान न देने के एवज में यह धनराशि हस्तांतरित की गई थी। साक्ष्य संकलित होते ही एक सप्ताह के अंदर चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दी जाएगी।
पुलिस के पास कई महत्वपूर्ण साक्ष्य
किशोरी दुष्कर्म कांड में पुलिस के पास कई महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं, इनमें सबसे पहली वह कॉल रिकॉर्डिंग है जो पीड़िता ने डायल 112 पर पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस को कोतवाली में घटना की जानकारी दी थी, इसका भी वीडियो बनाया गया था। पीड़िता के कलम बंद बयान सहित घटना स्थल का एक वीडियो भी है।
दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सकेगी
इसमें नवाब सिंह अस्त व्यस्त हालत में बेड पर लेटा और बुआ उसके पास में कुर्सी पर बैठी है। डिग्री कॉलेज के सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर तथा सबसे अहम फॉरेंसिक लैब की जांच की रिपोर्ट है, जिसमें डीएनए सैंपल का मिलान होना पाया गया है। पुलिस का दावा है कि उसके पास मजबूत साक्ष्य हैं जिनके आधार पर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सकेगी।
परिजनों पर कसा शिकंजा तो कोर्ट पहुंचा नीलू
एसपी ने बताया कि पिछले 12 दिन से नीलू यादव पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए 12 टीमों को लगाया गया और उसके संभावित स्थानों पर एक साथ दबिश डाली गई। पुलिस ने उसके परिजनों और रिश्तेदारों पर शिकंजा कसा तो वह भी परेशान हो उठा और वह अगले दिन मंगलवार को कोर्ट में आत्म समर्पण करने के लिए पहुंच गया। पुलिस ने कन्नौज, कानपुर और लखनऊ सहित कई स्थानों पर एक साथ दबिश दी थी।
हाथ में वीगो और चेहरे पर मास्क लगाकर कोर्ट पहुंचा नीलू
मंगलवार को सुबह नौ बजे के करीब आरोपी नीलू यादव ने जिला न्यायालय में सरेंडर किया। वह हाथ में वीगो और चेहरे पर मास्क लगाकर कोर्ट पहुंचा था। बताया गया कि उसकी तबियत खराब थी, इस वजह उसके हाथ में वीगो लगी थी। अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह मरीज बनकर पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। सर्जिकल मास्क उसने इसलिए पहन रखा था कि कोई उसे पहचान न सके।