कानपुर-कासगंज रेलवे ट्रैक पर मानीमऊ में तिखवा क्रासिंग के पास गुरुवार को एक बड़ा हादसा बच गया। यहां ठंड के कारण रेल की पटरी चिटक गई थी। गश्त कर रहे कीमैन ने इसे देखते ही अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद ट्रैक पर लाल झंडी लगाकर लखनऊ-कासगंज पैसेंजर को रोका गया।
कर्मचारियों ने तत्काल लोहे के टुकड़े को क्लिप से कसकर एक घंटे बाद ट्रेन को रवाना किया। पटरी बदले जाने तक अब सभी ट्रेनों को धीमी गति (कॉशन) से गुजारा जाएगा। सुबह नौ बजे रेलवे कर्मचारी (कीमैन) नीतेश कुमार कानपुर-कासगंज रेलवे ट्रैक पर गश्त कर रहे थे। इस दौरान मानीमऊ में तिखवा रेलवे क्रासिंग-85 के पास उन्होंने रेल लाइन को टूटा देखा।
उन्होंने क्रासिंग के गेटमैन विकास कुमार और कंट्रोल रूम पर सूचना दी। इधर, कानपुर से लखनऊ-कासगंज पैसेंजर ट्रेन के गुजरने का समय हो गया। थोड़ी ही देर में ट्रेन पहुंचने वाली थी। इस पर नीतेश कुमार ने लाल झंडी लगा दी। कुछ देर बाद पहुंची पैसेंजर के चालक ने लाल झंडी देख ट्रेन रोक दी।