एसपी बोले- सख्त से सख्त सजा की कोशिश
एसपी कुंवर अनुपम सिंह के मुताबिक मुठभेड़ में पकड़ा गया आरोपी रामजीव वर्मा मनोरोगी किस्म का शातिर है। इसके खिलाफ कोर्ट में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट की मदद से इसे जल्द से जल्द और सख्त से सख्त सजा दिलवाने की कोशिश की जाएगी। रासुका की कार्रवाई की जाएगी, ताकि जमानत आसानी से न मिले। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सारे साक्ष्य एकत्रित किए हैं।
दो जिले के पांच थानों में दर्ज हैं आठ मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ दो जिलों के पांच थानों में आठ मुकदमे दर्ज हैं। सबसे ज्यादा चार मुकदमा गुरसहायगंज थाना में दर्ज है। इसमें दुष्कर्म की कोशिश के दो मामले हैं। इसके अलावा कन्नौज सदर कोतवाली में और छिबरामऊ कोतवाली में एक-एक मुकदमा दर्ज है। अपने गृह जनपद फर्रुखाबाद के कमालगंज थाना और जीआरपी फर्रुखाबाद में भी उसके खिलाफ एक-एक मुकदमा दर्ज है।
रामजी की दरिंगी बयान करतीं यह घटनाएं
- वर्ष 2018 में कन्नौज सदर कोतवाली के सदिकापुर गांव में पांच साल के एब बच्चे का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। उसके बाद उसकी हत्या कर दी। सदर कोतवाली में यह मुकदमा 140/18 संख्या में दर्ज है। उसके खिलाफ 364/302/201/377 व 5/6 पॉक्सो एक्ट में आरोपी है।
- वर्ष 2018 में ही अपने गांव फर्रुखाबाद जिला के कमालगंज थाना के खुदागंज में सात वर्षीय बालक का अपहरण कर सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म किया। उसके बाद उसकी हत्या कर दी। कमालगंज थाना में 74/18 मुकदमा संख्या में पुलिस ने उसके खिलाफ 363/364/302/201/377 व एससी-एसटी एक्ट के साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की थी।
- वर्ष 2018 में गुरसहायगंज कोतवाली के खाड़ेदेवर गांव में एक बालिका से दुष्कर्म करने की कोशिश की थी। इस मामले में गुरसहायगंज कोतवाली में 106/18 मुकदमा संख्या के तहत उसके खिलाफ 376/511 व एससी-एसटी एक्ट आर पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई की थी।
- वर्ष 2022 में 23 अक्टूबर को गुरसहायगंज में 13 वर्षीय बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने में नाकाम होने पर उसे ईंट-पत्थर से कुचल कर मरणासन्न कर दिया। उसके खिलाफ गुरसहायगंज कोतवाली में मुकदमा संख्या 602/42 में पुलिस ने 363/376/307 व पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की थी। इसी मामले में वह आठ महीने बाद पुलिस के हाथ लगा है।
खाकी का दिखा था मानवीय चेहरा, वायरल हुई थीं तस्वीरें और वीडियो
इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया था। घटना से जुड़ी तस्वीर और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल होने से देश-दुनिया भर में इसकी चर्चा हुई थी। इस पूरे प्रकरण के शुरुआत में ही पुलिस का मानवीय पहलू भी सामने आया था। घटना वाले दिन सबसे पहले मौके पर पहुंचे गुरसहायगंज के तत्कालीन कस्बा चौकी इंचार्ज मनोज पांडेय उसे अस्पताल ले जाने के लिए अपनी गोद में ही उठाकर दौड़ पड़े थे।