मजदूरी से होता है परिवार का भरण पोषण
हादसे में पिता-पुत्री को अधिक चोटें आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चारों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने पिता-पुत्री को मृत घोषित कर दिय। परिजनों ने बताया कि जितेंद्र की पांच पुत्री और एक पुत्र है। वह मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था।
लक्ष्मी के ऊपर टूटा दुखों का पहाड़
सड़क हादसे में पिता-पुत्री की मौत के बाद से जहां गांव में मातम पसरा है। वहीं, पिता का शव पहुंचते ही घर में मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई है। दंपति सुबह हंसी खुशी से घर से बच्चों के साथ निकले थे। वहीं घर में मौजूद अन्य बच्चों से शाम तक घर लौट आने का आश्वासन दे गए थे।
परिवार के सामने भरण पोषण की समस्या
किसी को क्या पता था कि वह अब घर लौटकर नहीं आएंगे। जितेंद्र मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। पति की मौत हो जाने के बाद जहां पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया वहीं मां लक्ष्मी पर बच्चों की परवरिश और उनके भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।