हाईकोर्ट में दाखिल की थी दूसरी जमानत याचिका
इसके बाद बहस और फिर फैसला आना है। रिजवान की ओर से हाईकोर्ट में पहले जमानत याचिका दाखिल की गई थी। इसे खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने छह माह में मुकदमे के निस्तारण के निर्देश दिए थे। छह माह बाद भी मुकदमे का निस्तारण न होने पर रिजवान ने हाईकोर्ट में दूसरी जमानत याचिका दाखिल की थी।
रिजवान की जमानत याचिका स्वीकार कर ली
इस पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत से प्रगति आख्या भी मांगी थी। इसके बाद से जमानत याचिका पर सुनवाई लंबित चल रही थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अजय भनोट ने रिजवान की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। हालांकि, वो अभी जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे।