रूरा। अंडरपास व उससे जुड़े रास्ते पर पानी भरा है। डीएफसीसी के अफसर अनदेखी कर रहे हैं। ऐसे में डर के बीच पैदल राहगीर महिलाएं, बच्चे और साइकिल सवार जान जोखिम में डाल ट्रैक पार करने को मजबूर हैं।
कस्बे में रेलवे क्रासिंग पर ट्रैक के पास आरओबी के लिए पिलर बनाने का काम कराया जा रहा है। इसको लेकर छह माह के लिए केबिन क्रासिंग बंद कर दी गई है। इसकी वजह से सड़क मार्ग यातायात के लिए अंडरपास का विकल्प दिया गया है। अंडरपास मार्ग पर बारिश में जलभराव हो जाता है, जबकि अंडरपास पर जलभराव आम है। सोमवार को बारिश में नाला उफनाने से अंडरपास जलमग्न हो गया था। घुटने तक पानी भरा होने से यहां निकलने के प्रयास में कई बाइक सवार फंस गए। उन्हें धक्का देकर बाइकें निकालनी पड़ीं। जबकि ऑटो बंद होने पर चालकों ने सवारियों की मदद से धक्का लेकर ऑटो बाहर निकाले। रात में भी यहां से बाइक सवार नहीं निकले सके। जबकि मंगलवार को सुबह से ही जलभराव कम होने पर कार, ऑटो व बाइक सवार तो निकल सके लेकिन साइकिल सवार व पैदल राहगीर नहीं निकल सके। स्कूली बच्चे, महिलाएं और साइकिल सवार ट्रैक पार कर दूसरी ओर जा सके। कस्बे के लोगों का कहना है कि डीएफसीसी ने जल निकासी का प्रबंध नहीं किया। डीएम व सीडीओ को गुमराह कर केबिन क्रासिंग छह माह के लिए बंद करा दी। जबकि जल निकासी की पंपिंग सेट व्यवस्था भी बारिश में फेल है। ऐसे में पैदल राहगीरों को मजबूरी में ट्रैक पार कर निकलना पड़ रहा है। पैदल राहगीरों के लिए अन्य कोई विकल्प नहीं है। डीएफसीसी के परियोजना प्रबंधक एमके सारस्वत ने बताया कि बारिश में नाला ओवर फ्लो होने से अंडरपास जल मग्न हो गया। जलभराव की समस्या के निराकरण के लिए अधीनस्थों को निर्देश दिए हैं।