कानपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं ने भारतीय आईटी सेक्टर को झकझोर दिया है। आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली के कारण सिर्फ दो कारोबारी सत्रों (12 और 13 फरवरी) में सेंसेक्स 1,600 अंकों से ज्यादा टूट चुका है। इस गिरावट से कानपुर के निवेशकों के पोर्टफोलियो में करीब 2,000 करोड़ रुपये की कमी का अनुमान है। अमेरिकी टेक शेयरों में गिरावट और एआई को लेकर अनिश्चितता का सीधा असर भारतीय कंपनियों पर पड़ा है। गिरावट की शुरुआत चार फरवरी को हुई जब अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अपना नया एडवांस टूल लॉन्च किया जिसे बाजार में एंथ्रोपिक शॉक कहा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह टूल कानूनी, सेल्स और डेटा एनालिसिस जैसे कार्य खुद कर सकता है जिससे पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल पर दबाव बढ़ सकता है। आशंका है कि आने वाले समय में एजेंटिक एआई कार्यप्रवाह (वर्कफ्लो) को पूरी तरह स्वचालित कर सकता है जिससे आईटी कंपनियों की आय में 30–40 प्रतिशत तक गिरावट की संभावना बन सकती है। शेयर मामलों के जानकार और केश्री ब्रोकिंग के सह संस्थापक राजीव सिंह ने बताया कि मौजूदा दौर उथल-पुथल वाला जरूर है लेकिन घबराकर शेयर बेचना समझदारी नहीं होगी। लंबी अवधि के निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए। जब तक किसी बड़ी भारतीय आईटी कंपनी को एआई-इंटीग्रेटेड बड़ा कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिलता तब तक सेक्टर में नकारात्मक रुझान बना रह सकता है। ब्यूरो