आठ-दस गवाह और खोजे
पुलिस ने चश्मदीदों के अलावा आठ-दस गवाह और खोजे हैं। लगभग सभी के बयान दर्ज किए हैं। ये ऐसे गवाह बताए जा रहे हैं, जो स्वतंत्र गवाह हैं। यानी उनका न वादी से कोई रिश्ता या संपर्क है और न ही विधायक के पक्ष का। वहीं, आगजनी के मामले में अज्ञात रहे चार आरोपियों को पुलिस ने चिह्नित कर लिया है।
झोपड़ी में पेट्रोल से लगाई गई थी आग
डिफेंस कॉलोनी स्थित प्लॉट की झोपड़ी में आग पेट्रोल से लगाई गई थी। पुलिस ने यह खुलासा फोरेंसिक जांच के आधार पर किया है। इससे पहले विधायक ने आतिशबाजी की चिंगारी से आग लगने की बात कही थी। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने दावा किया कि फोरेंसिक जांच में विधायक की बात गलत साबित हुई है।
आगजनी में पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि आगजनी व फर्जी दस्तावेज तैयार कर फरार होने के केस में आरोपियों के खिलाफ फोरेंसिक, वैज्ञानिक व तकनीकी सुबूत उपलब्ध हैं। इसी महीने चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
बता दें जाजमऊ डिफेंस कालोनी निवासी नजीर फातिमा ने आठ नवंबर को सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान व 55 अज्ञात पर केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि प्लॉट पर कब्जा करने के लिए इन सभी ने झोपड़ी में आग लगा दी। रंगदारी भी मांगी।
पुलिस इस केस की जांच कर ही रही थी कि सामने आया कि इरफान ने अशरफ अली के नाम से आधार कार्ड बनवाया। इसके जरिये दिल्ली से मुंबई तक का हवाई सफर किया। इस प्रकरण में ग्वालटोली थाने में केस दर्ज किया गया। विधायक, रिजवान समेत छह आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
घटनास्थल के आसपास ही थी मौजूदगी
जेसीपी ने बताया कि जाजमऊ की घटना की जांच के दौरान सर्विलांस टीम ने तफ्तीश की। कई नंबरों की लोकेशन व कॉल डिटेल निकाली गई। इससे पता चला कि घटना के वक्त आरोपी इरफान व रिजवान की लोकेशन घटनास्थल के आसपास ही थी। कुछ अहम गवाह भी हैं।