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वर्दी की धौंस पड़ी भारी: बस में बेटिकट यात्रा कर रहा था इंस्पेक्टर, यात्रियों और कंडक्टर ने फटकारा

Wed, 30 Nov 2022 04:34 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव

सार

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में वर्दी का रौब दिखाकर बेटिकट यात्रा कर रहे इंस्पेक्टर का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इसमें इंस्पेक्टर रोडवेज बस में कंडक्टर को धमकाते हुए दिख रहा है। वहीं, इंस्पेक्टर की गुंडई पर अन्य यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा।
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आरोपी इंस्पेक्टर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उन्नाव जिले में वर्दी के दम पर रोडवेज बस में बिना टिकट यात्रा करने वाले इंस्पेक्टर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। टिकट न लेने पर पहले परिचालक, फिर फोरमैन और इसके बाद यात्रियो से भी इंस्पेक्टर की बहस होती है।

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दो मिनट 44 सेकेंड के इस विडियो में इंसपेक्टर की वीडियो बना रहे यात्री से बहस होती है। इंस्पेक्टर के नेम प्लेट पर जितेंद्र प्रताप सिंह लिखा है। वह उन्नाव में दो साल पहले तक बांगरमऊ, सोहरामऊ, बारासगवर में तैनात रहे हैं। मौजूदा समय में रायबरेली में तैनात हैं।
सूत्रों के अनुसार इंस्पेक्टर के पास लखनऊ चारबाग से उन्नाव बायपास तक का टिकट था। लेकिन उन्हें करीब चार किमी आगे गदनखेड़ा बाइपास पर उतरना था। लखनऊ से उन्नाव बाइपास तक का टिकट 77 रुपये है जबकि गदनखेड़ा चौराहा तक का टिकट 83 रुपये है।

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उन्नाव बायपास के बजाए, गदनखेड़ा चौराहा पर उतरने को लेकर बहस हुई। इस संबंध में एआरएम गिरीशचंद्र वर्मा से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

वीडियो में हो रही बातचीत के प्रमुख अंश
यात्री-कहता है कि जब आगे जा रहे, तो वहां तक का टिकट लीजिए।
इंस्पेक्टर- आप क्या हैं इसमे बोलने वाले।
यात्री- हम एक पब्लिक हैं, आप सभी को परेशान कर रहे हैं।
इंस्पेक्टर-हम किसे परेशान कर रहे हैं। टिकट नहीं लिए हैं क्या, ये (परिचालक) गुंडई कर रहा है। आप को समझ नहीं आ रहा है।
यात्री-ये कहां बताया था कि बायपास का टिकट है, आगे का नहीं है।
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इंस्पेक्टर-ये भी उन्नाव में है, वो भी उन्नाव में है।
यात्री- आप वर्दी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। परिचालक से आप टिकट बनवाएं।
इंस्पेक्टर- यात्री से सख्त लहजे में, आप हिसाब मत बैठाइये, नेता मत बनिए। पैसा देकर जा रहे हैं।
यात्री-आप इसको दबा रहे हैं।
फोनमैन- टिकट लेने के लिए कहता है।
इंस्पेक्टर- ये भी भी उन्नाव और वो भी उन्नाव है। रोज हम भी यात्रा करते हैं।
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