कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में ऑर्थो की ओटी में ऑपरेशन के नाम पर मरीजों से लूट हो रही है। कुछ कर्मियों ने अपना एक वेंडर नियुक्ति कर रखा है। इन्हीं के माध्यम से इंप्लांट मंगवाया जा रहा है। साथ ही ओटी से लेकर ओपीडी तक दलालों का बोल बोला रहता है। इससे मरीज परेशान होते हैं।
जिला अस्पताल में करीब साल पहले ऑर्थो की ओटी शुरू हुई थी। यहां पर ऑपरेशन करने की शुरुआत सर्जन डॉ. आरके गौतम ने की। इसके बाद जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज हो गया तो अब यहां पर दो अतिरिक्त ऑर्थो सर्जन की तैनाती हो गई है। अब सर्जन अपना अलग-अलग दिन बांटे हुए हैं। उसी निर्धारित समय में डॉक्टर ओटी करते हैं। सरकारी आंकड़ों में तो हड्डी रोगियों का ऑपरेशन हो रहा है, लेकिन इसके पीछे हो रही खेल जानने का प्रयास किसी जिम्मेदार ने नहीं किया। शनिवार को ओटी की पड़ताल की तो मरीजों ने बताया कि ऑपरेशन के नाम पर उन्हें 10 से लेकर 40 हजार रुपये लिए जाते है। इसमें मरीजों के लिए इंप्लांट एक वेंडर से मंगवाया जाता है। कई मरीजों ने बताया कि एक बार ठीक ऑपरेशन नहीं हुआ तो दूसरी बार में भी रुपये लेने के बाद ही ऑपरेशन किया जाता है।
इस तरह होता है खेल
उदहारण के तौर पर मरीज को पहले बताया जाता है कि पैर में रॉड डालने के लिए 20 हजार रुपये लगेंगे। मरीज से रुपये लेकर वेंडर को बुलाकर रॉड मंगवाई जाती है। असल में रॉड की बाजार में कीमत पांच हजार होती, बाकी रुपये स्टॉफ के लोग बांट लेते हैं।
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केस एक
सरवनखेड़ा ब्लॉक के सीधामऊ निवासी विनय कुमार का आरोप है कि उनके पैर में तलवा टूट गया था। ऑर्थो ओटी में सितंबर के पहले सप्ताह में 12 हजार रुपये लेकर ऑपरेशन किया गया। इसके बाद अक्तूबर में डॉक्टर को दिखाया तो तलवे में जान नहीं आई। इसके बाद फिर ओटी में 20 हजार रुपये लेकर ऑपरेशन किया। तब से लेकर आज तक उन्हें आराम नहीं मिला। वह अस्पताल और डॉक्टरों के चक्कर काट रहे हैं।
केस दो
अमरौधा ब्लॉक के चैनपुरवा गांव के पंकज का आरोप है कि वह सड़क हादसे में घायल हो गए थे। रिश्तेदार उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां एक्सरे में दायां पैर तीन जगह से टूटा मिला। इसके बाद प्राथमिक रूप से उसके पैर में प्लास्टर चढ़ाया। शनिवार को ऑर्थो ओटी में 12 हजार रुपये मांगे गए, लेकिन किसी कारण वश ऑपरेशन नहीं हो सका।
सरकारी सप्लाई में इंप्लांट नहीं आता है। इस वजह से मरीज खुद ही इंप्लांट लाते हैं। इंप्लांट वेंडर से मंगवाने के बारे में मुझसे किसी ने कोई शिकायत नहीं की है। अगर ऐसा है तो इस बारे में ओटी के स्टॉफ से बात की जाएगी।
-डॉ.खालिद रिजवान, सीएमएस