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आईआईटी की छात्रा ने की आत्महत्या: मेधावी प्रगति को पढ़ाई का टेंशन होना साथियों की समझ से परे

Thu, 10 Oct 2024 11:02 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पीएचडी की छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। साथियों का कहना है कि प्रगति मेधावी छात्रा थी, ऐसे में उसे पढ़ाई का टेंशन होना समझ से परे है।
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आईआईटी छात्रा सुसाइड केस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रगति मेधावी थी, पीएचडी कोर्स वर्क में उसे 8.13 सीपीआई मिला था। हर सेमेस्टर के ग्रेड भी अव्वल रहे हैं। हालांकि आत्महत्या के पीछे के कारणों की जांच के लिए कमेटी का गठन है। आंतरिक जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। प्रगति ने 2021 में पीएचडी कोर्स में दाखिला लिया था। गाइड ऑलट होने से पहले छात्रों को पीएचडी कोर्स करना होता है।, इसमें प्रगति को 8.13 सीपीआई यानी की लगभग 81 फीसदी अंक मिले। प्रगति के एकेडमिक को लेकर भी कभी गड़बड़ी नहीं रही। सीनियर प्रोफेसरों का कहना है कि प्रगति का एकेडमिक रिकार्ड अच्छा रहा है। प्रगति के साथी भी मानते हैं कि पढ़ाई के तनाव की बात गले से नहीं उतर रही है। मामले की जांच होनी चाहिए।
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तीन आत्महत्याओं के बाद हुआ था ग्रेडिंग में बदलाव
एक माह में हुई तीन आत्महत्याओं के बाद आईआईटी में छात्रों की ग्रेडिंग सिस्टम में 2023-24 सत्र से बड़ा बदलाव किया गया है। छात्रों को मानसिक तनाव न हो इसके लिए ए, बी, सी के आधार पर होने वाली ग्रेडिंग को अब ए एप्लस, बी बीप्लस कर दिया गया। इतना ही नहीं पीएचडी अगर कोई बीच में छोड़ना चाहता है तो उस छात्र को भी एमएस की डिग्री दी जाने लगी है। पहले थीसिस का मूल्यांकन बाहर के प्रोफेसरों से कराया जाता था, अब इसे भी इंटर्नल कर दिया गया है। अंग्रेजी की दिक्कत को देखते हुए छात्रों के लिए इसकी भी कक्षाएं संचालित की जाने लगी हैं।
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