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Kanpur: सात को होगा होलिका दहन, आठ को खेली जाएगी होली, ये हैं नियम...बदल जाएगी किस्मत, जानें शुभ मुहूर्त

Sun, 05 Mar 2023 11:24 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Holika Dahan 2023: इस बार होलिका दहन सात मार्च को होगा, जबकि आठ मार्च को होली खेली जाएगी। लोग होलिका दहन शाम 6.12 बजे से लेकर रात 1 बजकर 35 मिनट तक कर सकते हैं।
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होलिका दहन - फोटो : demo pic
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विस्तार
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फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शाम को होली पर्व की शुरूआत होगी। सबसे पहले शाम के समय होलिका दहन किया जाएगा। जबकि, अगले दिन रंग वाली होली की धूमधाम रहेगी। पं. मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार इस वर्ष पूर्णिमा के दिन भद्राकाल के कारण होलिका दहन की तिथि को लेकर उलझन है।

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उन्होंने बताया कि अनेकों दुविधाओं के बीच होलिका दहन 7 मार्च को होगा। जबकि, 8 मार्च को होली खेली जाएगी। पूर्णिमा तिथि की शुरूआत 6 मार्च को शाम 4 बजकर 17 मिनट पर होगी और 7 मार्च को शाम 6 बजकर 9 मिनट पर समाप्त होगी।
इसके साथ ही भद्रा की शुरूआत 6 मार्च को शाम 4 बजकर 17 मिनट से होगी। जो 7 मार्च की सुबह 5 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। भद्रा काल में होलिका दहन नहीं होता है। बता दें कि होलिक दहन के समय भद्रा काल जरुर देखा जाता है, क्योंकि इसके प्रभाव से शुभ-अशुभ फलों की प्राप्ति होती है।

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होलिका दहन के नियम व पूजा विधि
ज्योतिषाचार्य व हस्तरेखा विशेषज्ञ पं. पीएन द्विवेदी के अनुसार होलिका पूजन करते समय अपना मुंह पूर्व या उत्तर की ओर करके बैठे। पूजन की थाली में रोली, पुष्प, माला, नारियल, कच्चा सूत, साबूत हल्दी, मूंग, गुलाल व पांच तरह के अनाज, गेंहू की बालियां, एक लोटा जल होना चाहिए।

ओम होलिकाये नम: मंत्र का करें जाप
होलिका के चारों ओर सात बार परिक्रमा करके कच्चा सूत लपेटना शुभ होता है। इसके बाद विधिवत तरीके से पूजन के बाद होलिका को जल का अर्घ्य दे। साथ ही (ओम होलिकाये नम:) मंत्र का उच्चारण करना चाहिए। इससे सारे कष्टों का नाश होता है। इससे घर परिवार में समृद्धि आती है।

स्वस्थ्य व खुशहाल जीवन मिलता है
ज्योतिष विशेषज्ञ अनुभव त्रिवेदी ने बताया कि होलिका दहन पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल में ही जाए तो सबसे शुभ होता है। होलिका की अग्नि में फसल सेंककर अगले दिन उसे ग्रहण करने से जीवन में निराशा और दुख का साया नहीं आता है। साथ ही वह व्यक्ति रोगों से मुक्त होकर स्वस्थ्य व खुशहाल जीवन जीता है।
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ज्योतिषाचार्य पं. गौरव तिवारी ने बताया कि रंग की होली 8 मार्च को खेली जाएगी। क्योंकि, 7 मार्च को पूर्णिमा शाम 6 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। साथ ही 9 मार्च को द्वितीया भईया दूज का त्योहार भी मनाया जाएगा।
ये है होलिका दहन का मुहूर्त
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 7 मार्च को शाम 6 बजकर 12 मिनट से रात 1 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।
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