कानपुर में जिस हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह की वजह से भाजपा में शामिल अपराधियों की पोल खुली है, वही मनोज सिंह अखिलेश सरकार के दौरान वर्ष 2016 में समाजवादी पार्टी का जिला सचिव रहा है। जैसे ही 2017 में सपा सरकार का बिखराव हुआ, मनोज सिंह पाला बदलते हुए भाजपा सरकार से जुड़े लोगों के संपर्क में आ गया। मनोज सिंह ने भारतीय जनता पार्टी में भी एंट्री मारने की कोशिश की थी लेकिन वह सफल नहीं हो पाया था। लेकिन संरक्षण के लिए वह भाजपा के ऐसे नेताओं के संपर्क में लगातार बना रहा, जिनका अपराध से किसी न किसी रूप में नाता रहा है। अपराधी मनोज सिंह और भाजपा के अपराध पसंद नेताओं के बीच बने इस गठजोड़ का सिलसिला आगे चलकर दो गुटों में बंट गया।
विज्ञापन
2 of 6
पुलिस पर हमला कर हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाने का आरोपी पूर्व भाजपा नेता नारायण सिंह
- फोटो : amar ujala
नारायण सिंह भदौरिया की ओर से जारी वीडियो के अनुसार जन्मदिन पार्टी में मनोज सिंह के होने की जानकारी पुलिस को देने वाला कोई और नहीं भाजपा नेता संदीप ठाकुर ही था। जो युवा मोर्चा की क्षेत्रीय इकाई में उपाध्यक्ष है। चर्चा है कि मनोज सिंह और संदीप ठाकुर के बीच पिछले काफी समय से दुश्मनी है। दोनों एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश में लगे रहते हैं।
विज्ञापन
3 of 6
हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह, भाजपा नेता
- फोटो : amar ujala
भाजपा में हिस्ट्रीशीटर मनोज को सरपरस्तों की तलाश
भाजपा से नारायण सिंह भदौरिया की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने के बाद पार्टी ने अपने कई और नेताओं की भूमिका की जांच शुरू करा दी है। शहर के इन नेताओं का नाम हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पनाह देने में सामने आया है।
4 of 6
पुलिस पर हमला कर अपराधी को भगाने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
नारायण भदौरिया को लेकर हुई किरकिरी के बाद भाजपा का प्रदेश नेतृत्व अपराधियों के सरपरस्त दूसरे नेताओं को भी बख्शने के मूड में नहीं है। शुक्रवार को भदौरिया को पार्टी से हटाने का फैसला प्रदेश और क्षेत्रीय इकाई की जांच के बाद दक्षिणी इकाई जिलाध्यक्ष डॉ. वीना आर्या ने लिया। इसके साथ ही हिस्ट्रीशीटरों को पनाह देने वाले पार्टी के अन्य नेताओं की भी जांच-पड़ताल शुरू करा दी गई।
विज्ञापन
5 of 6
पुलिस पर हमला कर अपराधी को भगाने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
सुपरटेक केपटाउन के फ्लैट में थे तीनों
कानपुर के हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पुलिस अभिरक्षा से भगाने के आरोपी बर्खास्त भाजपा नेता नारायण सिंह भदौरिया और उसके दो सहयोगियों रॉकी व गोपाल शरण चौहान को कानपुर पुलिस ने नोएडा के सेक्टर-74 के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार ने बताया कि सुबह 11 बजे कानपुर पुलिस की टीम ने नोएडा पहुंचकर कोतवाली पुलिस को दबिश देने के लिए सहयोग मांगा। इस पर नोएडा पुलिस की टीम उनके साथ रवाना हुई।
पुलिस पर हमला कर अपराधी को भगाने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी में भाजपा नेता नारायण सिंह भदौरिया का ही फ्लैट है। शुक्रवार दोपहर को रवाना हुई पुलिस देर रात कानपुर पहुंच गई।