इटावा। फाल्गुन में जेठ सी तपिश ने गेहूं किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो गेहूं के दाने हल्के होंगे। फसल जल्दी पकने से पैदावार पर असर पड़ेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, तापमान में बढ़ोतरी की गति अगर ऐसे ही बनी रही तो अप्रैल के पहले सप्ताह में ही पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है, जो सामान्य से अधिक होगा।
मंगलवार को न्यूनतम तापमान 22 डिग्री और अधिकतम 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अभी से इतनी गर्मी होने से किसानों के चेहरे मुरझाने लगे हैं। रबी की फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ देवेंद्र कुमार ने बताया कि तापमान बढ़ने का कारण जलवायु परिवर्तन है। इसका रबी की फसलों पर भी असर पड़ेगा। गेहूं के दाने सामान्य तापमान में पकते हैं। जब गर्मी अधिक होती है, तो अनाज न तो अच्छी तरह से फूलता है और न ही ठीक से पकता है। अधपके और सख्त अनाज के कारण गेहूं का स्वाद कम हो जाता है और पौष्टिकता भी कम हो सकती है।
बीते वर्ष 26 मार्च को अधिकतम तापमान 32 डिग्री रहा था, लेकिन इस बार तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। किसानों को चाहिए कि गेहूं की फसल में पोटेशियम नाइट्रेट दो ग्राम की मात्र एक लीटर पानी और सल्फेट या पोटाश की पांच ग्राम मात्र एक लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। इससे मौसम के असर को कुछ कम रखा जा सकता है।
अचानक बढ़ा तापमान देगा बीमारियों को दावत
मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दोपहर के समय तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। मंगलवार दोपहर तापमान 35 डिग्री तक पहुंच गया। आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि की संभावना है। होली पर तापमान 35 डिग्री तक पहुंचने के बाद इस माह के अंत तक तापमान 38 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इससे गर्मी बढे़गी। लोगों के हीट स्ट्रोक की चपेट में आने का खतरा बढ़ेगा। जिला अस्पताल के डॉ. शांतनु निगम ने बताया कि मौसम में अचानक गर्मी बढ़ने से खांसी, जुकाम, बुखार और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ेगी।
किसानों की बात
निवाड़ीकला निवासी किसान रामस्वरूप ने बताया कि गेहूं की फसल तैयार हो गई है। अमूमन 15 अप्रैल से गेहूं की कटाई शुरू हो जाती है, लेकिन अगर तापमान बढ़ता रहा तो गेहूं की कटाई पहले ही शुरू हो जाएगी। इससे पैदावार पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
लुधयानी निवासी किसान लक्ष्मीकांत बाथम का कहना है कि तापमान में अचानक बढ़ोतरी होने से गेहूं का दाना सूखने लगता है। इससे पैदावार में कमी के साथ-साथ समय से पहले गेहूं पक जाएगा। इससे नुकसान की संभावना बनी रहती है।
कुछ इस प्रकार बढ़ेगा तापमान
मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 35 व न्यूनतम तापमान 22 रहा। वहीं बुधवार को अधिकतम 36 व न्यूनतम 22 व गुरुवार को अधिकतम 38 व न्यूनतम तापमान 22 रहने की संभावना है।
अचानक से तापमान में बढ़ोतरी होने से गेहूं की फसल को नुकसान होने की संभावना रहती है। तेज गर्मी से गेहूं का दाना सिकुड़ने लगता है। पैदावार पर विपरीत प्रभाव पड़ने लगता है। इस समय गेहूं की फसल में अधिक नमी भी नुकसानदायक साबित हो सकती है।
- एके पांडे, कृषि विशेषज्ञ जनता कॉलेज बकेवर