हरदोई में जिला महिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार रात डॉक्टर न मिलने के गर्भवती महिला करीब डेढ़ घंटे तक प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। ड्यूटी में मौजूद कर्मचारी बोले कि डॉक्टर साहब नहीं हैं, कहीं और जाकर इलाज करवा लो। इसके बाद परिजनों ने कर्ज पर रुपयों का इंतजाम किया और एक निजी हॉस्पिटल में सोमवार की सुबह करीब चार बजे महिला का ऑपरेशन से प्रसव हुआ।
रविवार रात नौ बजे प्रसव पीड़ा होने पर पिहानी के कुईया गांव निवासी विकास की पत्नी रूबी (28) को लेकर उसके ससुर जिला महिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। रामदास का आरोप है कि यहां पर ड्यूटी में मिली महिला कर्मचारियों ने बताया कि रविवार का दिन होने के कारण यहां पर कोई डॉक्टर नहीं है। इस कारण प्रसव नहीं कराया जा सकता है। साथ ही परिजनों को सलाह दी कि मरीज को लखनऊ ले जाएं तो उसे यहां से रेफर कर दिया जाएगा।
अन्यथा आप किसी प्राइवेट अस्पताल में जाकर ऑपरेशन से प्रसव करा लें। बोले कि यहां डॉक्टर साहब नहीं हैं। तमाम कोशिशों के बाद भी मरीज भर्ती नहीं हुआ तो परिजन रुपये कर्ज लेकर शहर के एक निजी हॉस्पिटल पहुंचे। यहां सोमवार की सुबह करीब चार बजे ऑपरेशन से महिला को प्रसव कराया। इस तरह से महिला ने एक नवजात बच्ची को जन्म दिया है।
इससे पहले भी सुर्खियों में छा चुका है जिला महिला अस्पताल
करीब तीन माह पूर्व जिला महिला अस्पताल में एक व्यक्ति पत्नी को लेकर इलाज कराने के लिए इमरजेंसी आया था। जहां पर डॉक्टर व कर्मचारी सोते मिले थे, जबकि गर्भवती काफी देर तक तड़पती रही थी। परिजनों ने इस तरह का आरोप लगाया था। उसके बाद परिजनों ने उसे निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। इस मामले को लेकर काफी चर्चा का विषय बना रहा था।