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Hamirpur: जिला अस्पताल में छह घंटे बिजली गुल, टॉर्च की रोशनी में किया गया इलाज

Wed, 26 Jun 2024 12:10 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर

सार

यूपी के हमीरपुर में जिला अस्पताल में छह घंटे बिजली गुल रही। इससे टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में मरीजों का इलाज किया गया।
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इमरजेंसी में टॉर्च की रोशनी में देखे जा रहे मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हमीरपुर में जिला अस्पताल के फीडर के इंसुलेटर फुंक जाने से जिला अस्पताल की बिजली मंगलवार की सुबह 9 बजे गुल हो गई। छह घंटे बाद करीब तीन बजे बिजली ठीक हो सकी। इस दौरान कुछ समय के लिए जनरेटर चला लेकिन एसी समेत अन्य उपकरणों का लोड अधिक होने से जवाब दे गया। इससे टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में मरीजों का इलाज किया गया।
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सुबह से ही बिजली गुल होने से उमस भरी गर्मी में मरीज परेशान हो उठे। गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी जले (बर्न) हुए मरीजों को हुई। बच्चों के वार्ड में बच्चे रोते दिखे। वहीं तीमारदार हाथ से बने पंखे डुलाते नजर आए। अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही से करीब एक हजार से अधिक लोग परेशान हुए।

गर्मी से बेहाल बैठे रहे मरीज-तीमारदार
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती मरीजों का बुरा हाल रहा। यहां स्वास्थ्य कर्मी टार्च लगाकर मरीजों देखते हुए नजर आए। हर कोई बिजली कब आएगी, पूछता हुआ नजर आया। उधर, ओपीडी में करीब 623 पर्चे बने, वहीं उनके साथ तीमारदार मौजूद रहेे। यहां पर डॉ. महेंद्र ने मरीजों को भीड़ को देखते हुए उन्होंने टॉर्च की रोशनी में मरीजों का उपचार किया।
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वहीं, मरीज व तीमारदार गर्मी से बेहाल बैठे रहे। जिला अस्पताल के भर्ती वार्ड में करीब सौ मरीज भर्ती हैं। जहां मरीज बेहाल दिखे। इस दौरान देखने को मिला कि इन्वर्टर से स्टाफ का पंखा चलता मिला। वहीं मरीज पसीना पोछते नजर आए। उधर, जिला अस्पताल में स्ट्रेचर ले जाने के लिए वार्ड बॉय की कोई व्यवस्था नहीं है।
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बिना इलाज के भगाया
जिला अस्पताल अपने पिता को लेकर रिठौरा निवासी अशोक ने बताया कि उसके पिता की चार दिन से पेट में दिक्कत हैं। वह अस्पताल में लेकर आए तो डॉक्टर ने कहा कि यहां सर्जन नहीं हैं। उसे बिना इलाज भगा दिया गया।

वैकल्पिक व्यवस्था की जाए
चंदौखी निवासी राजकुमार ने बताया कि रिश्तेदार उमा (22) ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। जिसे वह लेकर आए हैं। यहां बिजली गुल होने से सभी पूरे अस्पताल में आए मरीज व तीमारदार परेशान थे। अस्पताल प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

अस्पताल के फीडर के इंसुलेटर फुंक गए थे। इसके चलते बिजली गुल हो गई। बिजली विभाग के कर्मचारियों को सूचित किया तो वह दूसरी जगह लाइन बना रहे थे जिसके चलते देरी से आए। जनरेटर चलाया गया था लेकिन एसी के चलते लोड अधिक होने से बंद हो गया था। अब बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। - विवेक राजधर, मैनेजर जिला अस्पताल हमीरपुर
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