हमीरपुर जिले में सिसोलर थानाक्षेत्र के किसवाही गांव में करीब साढ़े पंद्रह वर्ष पूर्व हुई हत्या के दोषियों को जनपद न्यायाधीश डॉ. अनुपम गोयल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी धनराशि मृतक के परिजनों को दिलाने के आदेश दिए है।
सिसोलर थाने के किसवाही गांव निवासी रामसिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 24 अक्तूबर 2007 की रात नौ बजे उसका बेटा मान सिंह गांव निवासी दो लोगों के साथ मौहर गांव से मजदूरों को काम के लिए बुलाकर कहकर लौट रहा था। रास्ते में गांव निवासी द्रगपाली के नलकूप के पास द्रगपाली पाल, उसके बेटे संतराम, तेज कुमार व पप्पू ने उसे बात करने के लिए रोक लिया। जिस पर वह वहां रुक गया और गांव के दो लोग वापस घर लौट आए। दूसरे दिन पता चला कि द्रगपाली पाल के नलकूप पर एक आदमी जला पड़ा है।
खबर मिलने पर वह भी नलकूप पहुंचा और मान सिंह की तलाश की। नलकूप का कमरा जला हुआ था। बाहर तिल के अवशेषों के जले तिनके पड़े थे। जानकारी करने पर पता चला कि शव थाने में है। थाने पहुंचकर उसने शव की शिनाख्त मान सिंह के रूप में की। मामले में द्रगपाली व उसके बेटों समेत चार लोगों पर बेटे को नलकूप में बंद कर जिंदा जलाने का आरोप लगाया था।