कुछेछा मोहल्ले में रोते बिलखते मृतका के परिजन।
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हमीरपुर। चाची और भतीजी की मौत से हर आंख नम हो गई। पिता के निधन पर मायके जाते समय हादसे में दोनों की जान चली गई। एक साथ तीन शवों का अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार को जगन्नाथ के निधन पर रात भर परिजन रोते-बिलखते रहे। सुबह जगन्नाथ की बेटी सुशीला व उसकी चाची राधारानी की डंपर से कुचलकर मौत हो गई। तीन लोगों की मौत पर बेतवा नदी किनारे एक ही स्थान पर चिताए जलाईं गईं।
कुछेछा में डंपर की टक्कर से चाची व भतीजी की मौत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। सीसीटीवी में कैद हादसे की तस्वीर देखने पर पाया कि टूलेन हाईवे के किनारे बनाई गई सफेद कलर की पट्टी के अंदर दोनों महिलाएं पैदल जा रही थीं। इस बीच दोनों महिलाओं को कुचलते हुए डंपर के गुजर जाने पर लोग चालक की लापरवाही मान रहे हैं।
शहर से मौदहा तक कानपुर-सागर टूलेन हाईवे खूनी हाईवे कहा जाने लगा है। यहां आए दिन हादसे होते हैं। पिछले माह मकरांव गांव के पास ऑटो और लोडर की टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई थी। कई लोग घायल हो गए थे। टू लेन इस हाईवे को फोर लेन बनाने के लिए मौदहा में भाजपा के कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। समाजसेवी विजय द्विवेदी ने भी फोर लेन की मांग को लेकर आंदोलन किया, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।