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गजवा ए हिंद का सपना रखता है हबीबुल: टेलीग्राम ग्रुप में करता था देश विरोधी बातें, खुद बनाता था जिहादी वीडियो

Mon, 15 Aug 2022 01:19 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

आतंकी हबीबुल राह-ए-हिदायत नाम के ग्रुप से जुड़ा था। इस ग्रुप में पाकिस्तान, अफगानिस्तानसहित भारत के दो हजार से ज्यादा सदस्य जुड़े हुए हैं। यूपी के कई शहर के लोगों के आतंकी के संपर्क में होने की आशंका है। इसके चलते एटीएस वर्चुअल आईडी को ट्रेस करने में जुटी है।
 
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आतंकी हबीबुल इस्लाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फतेहपुर से गिरफ्तार किया गया जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी हबीबुल इस्लाम राह-ए-हिदायत नाम के टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा हुआ था। ग्रुप के दो हजार से अधिक सदस्य हैं। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और भारत समेत कई देशों के लोग इसमें जुड़े हैं। ग्रुप में देश विरोधी चैट, वीडियो आदि मिले हैं। इसमें गजवा ए हिंद के सपने की भी बात कही जा रही है। एटीएस ने इसको बेहद पुख्ता साक्ष्य के तौर पर केस में शामिल किया है। व्हाट्सएप ग्रुप भी इसी नाम से है। इसमें भी जिहाद को लेकर बातचीत के अहम साक्ष्य हैं।

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एटीएस सूत्रों के मुताबिक टेलीग्राम व व्हाट्सएप ग्रुप पर भी हबीबुल व अन्य सदस्य वर्चुअल आईडी के जरिये ही जुड़े हुए हैं। एक-एक का डाटा एटीएस जुटा रही है। आशंका है कि इसमें यूपी समेत देश के कई शहरों के लोग शामिल हैं। जब वर्चुअल आईडी को एटीएस को ट्रेस करने में कामयाबी मिलेगी, तो ये लोग बेनकाब होंगे। हालांकि यह प्रक्रिया बेहद जटिल है। ग्रुप में अधिकतर सदस्य विदेशी हैं। इन्हीं ग्रुपों पर वर्चुअल आईडी की मांग आती थी। हबीबुल आईडी बनाकर ग्रुप पर साझा करता था। संबंधित लोग आईडी का इस्तेमाल करना शुरू कर देते थे।

कई लोकल ग्रुप भी बनाए थे, क्रूरता के भेजते थे वीडियो
मुख्य ग्रुप में जिहाद संबंधी तमाम वीडियो व मैसेज पोस्ट किए जाते थे। हबीबुल ने अपने स्तर से कई लोकल ग्रुप बना रखे थे, जिसमें युवाओं को जोड़ रखा था। इनमें वह वीडियो साझा करता था। लोगों को जिहाद के लिए उकसाता था। तालिबानी आतंकियों के क्रूरता भरे वीडियो भी भेजता था। साथ ही कुछ ऐसे वीडियो भेजता था, जिसमें यह दिखाने का प्रयास किया जाता था कि भारत में मुस्लिम बहुत प्रताड़ित किए जा रहे हैं। इसके खिलाफ जिहाद करना है। जिन-जिन लोगों के संपर्क में हबीबुल था, एटीएस उन सभी की कुंडली खंगाल रही है।

खुद वीडियो रिकॉर्ड कर भेजता था
वह अपने बेहद करीबी दोस्तों को जिहाद के लिए उकसाता था। यहां तक कि उनको व्हाट्सएप पर खुद के रिकॉर्ड किए गए वीडियो भेजता था। उसने यह बात खुद स्वीकार की है। मोबाइल में इस तरह के साक्ष्य भी मिले हैं।
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कई तरह के लॉक लगा रखे थे
एटीएस ने हबीबुल का मोबाइल कब्जे में लिया है। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल में कुछ खास एप भी मिले हैं, जिनकी मदद से हबीबुल वर्चुअल आईडी बनाता था। मोबाइल में कई अलग-अलग पासवर्ड लगा रखे थे। मोबाइल लॉक अलग था। एप भी लॉक कर रखे थे। ताकि लोगों को पता न चल सके कि आखिर वह मोबाइल से कौन-कौन से गतिविधियों में शामिल रहता है।
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