कई लोकल ग्रुप भी बनाए थे, क्रूरता के भेजते थे वीडियो
मुख्य ग्रुप में जिहाद संबंधी तमाम वीडियो व मैसेज पोस्ट किए जाते थे। हबीबुल ने अपने स्तर से कई लोकल ग्रुप बना रखे थे, जिसमें युवाओं को जोड़ रखा था। इनमें वह वीडियो साझा करता था। लोगों को जिहाद के लिए उकसाता था। तालिबानी आतंकियों के क्रूरता भरे वीडियो भी भेजता था। साथ ही कुछ ऐसे वीडियो भेजता था, जिसमें यह दिखाने का प्रयास किया जाता था कि भारत में मुस्लिम बहुत प्रताड़ित किए जा रहे हैं। इसके खिलाफ जिहाद करना है। जिन-जिन लोगों के संपर्क में हबीबुल था, एटीएस उन सभी की कुंडली खंगाल रही है।
खुद वीडियो रिकॉर्ड कर भेजता था
वह अपने बेहद करीबी दोस्तों को जिहाद के लिए उकसाता था। यहां तक कि उनको व्हाट्सएप पर खुद के रिकॉर्ड किए गए वीडियो भेजता था। उसने यह बात खुद स्वीकार की है। मोबाइल में इस तरह के साक्ष्य भी मिले हैं।
कई तरह के लॉक लगा रखे थे
एटीएस ने हबीबुल का मोबाइल कब्जे में लिया है। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल में कुछ खास एप भी मिले हैं, जिनकी मदद से हबीबुल वर्चुअल आईडी बनाता था। मोबाइल में कई अलग-अलग पासवर्ड लगा रखे थे। मोबाइल लॉक अलग था। एप भी लॉक कर रखे थे। ताकि लोगों को पता न चल सके कि आखिर वह मोबाइल से कौन-कौन से गतिविधियों में शामिल रहता है।