देर शाम दोनों शवों का अंतिम संस्कार
कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। इधर मामा बाबू सिंह गोल्डी का शव लेकर गांव पहुंचे। वहां देर शाम दोनों शवों का अंतिम संस्कार करा दिया गया। एक साथ दो लोगों की अर्थी देख ग्रामीणों की आंखें नम रहीं। दो-दो मौतों से घर में कोहराम मच गया। इसके बाद पूरे गांव में ही मातम सा पसर गया।