आरोपी जमानत की फिराक में थे
26 फरवरी को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। यह घटना क्षेत्र में कई दिनों तक चर्चा का विषय भी बनी थी। यह दोनों आरोपी जमानत की फिराक में लगे थे। दोनों आरोपियों के बाहर आने के बाद समाज में डर फिर से फैला।
दोनों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई
इसको लेकर कोतवाल ने डीएम और एसपी से दोनों के खिलाफ एनएसए लगाने के लिए अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) भी लगाया है। सफीपुर सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने बताया कि दोनों ने जघन्य घटना की थी।
बदमाशों में पैदा होगी दहशत
गंभीर अपराध करने से दोनों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की गई है। दोनों आरोपी लगातार जमानत का प्रयास कर रहे थे। एनएसए लगने के बाद जमानत भी आसानी से नहीं मिलेगी। सीओ ने बताया कि साथ ही ऐसा करने की सोचने वालों में भी दहशत पैदा होगी।