हमीरपुर। कोर्ट से घर लौट रहे गवाह की हालत बिगड़ गई। परिजन गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाए। कानपुर रेफर करते समय उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोपियों पर हत्या करवाने का आरोप लगाया है।
इधर, शुक्रवार को पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजनों ने मुख्यमार्ग (जेल रोड) जाम कर हंगामा किया। कोतवाल ने समझा बुझाकर जाम खुलवाया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया है।
बता दें 30 मई 2022 को शहर के विवेक नगर मोहल्ले से कलक्ट्रेट कर्मचारी प्रभात तिवारी के सात वर्षीय पुत्र वैभव का अपहरण कर लिया गया था। भागते समय बदमाशों ने रास्ते में चंदुलीतीर निवासी किसान संजय से उसका मोबाइल छीन लिया था। इसी मोबाइल से फिरौती मांगी जा रही थी। इसी मामले में संजय ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सदर कोतवाली के चंदुलीतीर निवासी संजय के बड़े भाई गंगाचरण निषाद ने बताया कि उसका छोटा भाई संजय (37) 17 नवंबर को डकैती कोर्ट में बयान देने आया था। शाम चार बजे जब वह घर पहुंचा तो वह हांफ रहा था। उसका गला रुंध गया था। गंभीर हालत में उसे सदर अस्पताल लेकर आए। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे कानपुर के लिए रेफर कर दिया, लेकिन उसके पहले ही उसकी मौत हो गई। आरोप है कि नशीला पदार्थ खिलाने से उसकी मौत हुई है।
शुक्रवार को शव का समय से पोस्टमार्टम न होने का आरोप लगा परिजनों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया।
कोतवाल दुर्गविजय सिंह ने बताया कि समय से पोस्टमार्टम न होने से नाराज परिजनों ने शहर की मुख्य सड़क को दिया। पोस्टमार्टम शुरू होने पर दस मिनट में जाम खुलवा दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विसरा प्रिजर्व किया गया है।
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इनसेट
सुबह साथ निकली थी पत्नी
पत्नी विष्णु कुमारी ने बताया कि वह सुबह घर से उनके साथ निकली थी। बताया कि मजदूरी का पैसा लेने के लिए वह कानपुर चली गई थी। और वह कोर्ट चले गए। शाम को उनकी मौत की खबर ने उसका सब कुछ छीन लिया। कहा कि आरोपियों ने उन्हें मार डाला। सुमित (12), राधिका (9), अंबिका (7) व अमित (5) को छोड़ गए हैं। अब बच्चों की परवरिश कैसे होगी।
ये था मामला
बता दें 30 मई 2022 को शहर के विवेक नगर मोहल्ले से कलक्ट्रेट कर्मचारी प्रभात तिवारी के सात वर्षीय पुत्र वैभव अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने संजय से छीने गए मोबाइल से 50 लाख की फिरौती मांगी थी। जिस पर उसने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने उसी मोबाइल से अपहरणकर्ताओं की लोकेशन को ट्रेस किया था। पकड़े जाने के डर से अपहरणकर्ता कानपुर के चकेरी निवासी सुमित तिवारी व सोमेश तिवारी ने वैभव को मरणासन्न हालत में जसपुरा थानाक्षेत्र के गल्ला मंडी के पास झाड़ियों में उसे फेंककर फरार हो गए थे। तबसे अपहरणकर्ता जेल में बंद हैं।